भक्ति संगीत और गरबा की धूम
शारदीय नवरात्र के चौथे दिन रविवार को भक्तों ने घरों में माता कुष्मांडा की पूजा-अर्चना की। पंडित एसपी दाधीच ने बताया कि भक्तों ने माता के चौथे स्वरूप की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि के साथ मन में खुशी का संचार होता है माता का यह स्वरूप ऊर्जा प्रदान करने वाला होता है। माता के इस रुप ने ही ब्रह्मांड को ऊर्जा मान बना रखा है। इससे मन में सदा प्रसन्नता का आभास होता है। माता के भक्तों ने विधि विधान से माता की पूजा अर्चना की। ज्योति प्रज्जवलित कर उसके दर्शन किए तथा माता से अपने परिवार,समाज देश की सुख समृद्धि का आर्शीर्वाद मांगा। माता के भक्तों ने दिनभर माता कुष्मांडा की पूजा की।
कन्याओंको कराया भोजन : आसनटेकरी स्थित माता काली के मंदिरों मे चौथे दिन विधि विधान से माता के चौथे स्वरूप की कुष्मांडा की पूजा अर्चना की गई। आसन टेकरी स्थित मां काली का पंचद्रब्यों से अभिषेक किया गया। इसके बाद माता का नयनाभिराम श्रृंगार किया गया। दोपहर में आरती कर कन्याओं को भोजन कराया गया। मंदिर में दिन भर भक्तों का ताता लगा रहा। पुजारी आर दुबे ने बताया कि दोपहर आरती के बाद माता स्वरूप में आई कन्याओं को भोजन करा दक्षिणा दी गई। इस दौरान भक्तों का ताता लगा रहा।
माताके दरबार में आस्था अपरंपार : सिटीरोड यज्ञ भवन स्थित माता के मंदिर में सुबह विधि विधान से माता के चौथे स्वरूप माता कुष्मांडा की पूजा की गई उसके बाद माता की आरती की गई। शाम को माता के मंदिर में आरती के समय भक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ था। मंदिर में प्रति दिन धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहें है इसी प्रकार जयपुर रोड पर माता वैष्णवी, हाथी खान में माता दुर्गे, लोक कालोनी में आशा माता मंदिर में विधि विधान से माता के स्वरूपों विग्रहों की पूजा की जाती है।
दधिमतिमें हुई माता की पूजा : सिटीरोड स्थित दधिचि रंगवाटिका में भी माता दधिमती मंदिर परिसर में प्रति दिन माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की वैदिक मंत्रों के साथ की जा रही है। माता के दर्शन के लिए प्रतिदिन भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है। शास्त्रानियमानुसार प्रतिदिन माता की पूजा अर्चना धार्मिक नियमों के अनुसार की जा रही है। दुर्गा सप्त सती का पाठ हर समय मंदिर में गूंज रहा है।
नवरात्र महोत्सव के अवसर पर आयोजित रामलीला में श्रीराम जानकी विवाह का मंचन करते कलाकार।
शारदीय नवरात्रा के चौथे दिन