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मिटी धुंध जग चानण होया

7 वर्ष पहले
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धन गुुरु नानक सारा जग तारिया

भास्कर न्यूज मदनगंज किशनगढ़.

ओसवालीमोहल्ला स्थित प्रमुख सिंह सभा गुरुद्वारे में गुरुवार को सिख धर्म के पहले गुरु गुरु नानक देव की 545वीं जयंती सिख समाज द्वारा श्रद्धा उल्लास के साथ धूमधाम पूर्वक मनाई गई। इस दौरान विशेष दीवान सजाया गया। गुरुद्वारे में तीन दिन तक चले गुरु ग्रंथ साहब के अखंड पाठ के भोग के बाद सामूहिक रुप से महिला पुरुषों ने सुखमणी साहिब का पाठ किया। इस दौरान गुरुप्रीत सिंह रागी जत्थे ने एक से बढ़कर एक भजन गाए। सिख समाज के गणमान्य जनो ने गुरुद्वारे में द्विप प्रज्जवलित किया तथा विश्व में भाई चारा अमन चैन बना रहे के लिए सिख गुरु के समक्ष अरदास की। इस दौरान लंगर का आयोजन किया गया। सैकड़ो भक्तों ने लंगर का आनंद लिया। रागी जत्थे ने सतगुरु नानक प्रकट्या, मिटी धुधं जन चानण होआ, चारे पास सुख होण किसे नू ना दुख होण,ज्यूं कर सूरज निकलिया, तारे धुपे अंधेर पलोवा एवं जो मांगे ठाकुर अपने से सोई सोई देवेख् नानक दास मुख से बोले ईहां अहां सच हाेवे तथा अन्य कई शबद किर्तन गाए। रागी जत्थे के गुरुओं ने सिख गुरु नानक देव के जीवन पर प्रकाश डाला तथा उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान समाज की महिलाओं ने भी शबद कीर्तन का गायन किया। समूह साध संगत ने सुखमनी साहिब तथा आसरदिवारी नितनेम का पाठ किया। गुरुद्वारे में दिन भर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन चलता रहा। कार्यक्रम से पूर्व गुरुद्वारे में जो बोले सो निहाल की गूंज के बीच नव निशान साहब का झंडा चढाया गया।

रोशनीसे जगमगाया गुरुद्वारा : सिखसमाज के लोग प्रथम गुरु नानक देव की जन्म जयंती को प्रकाशोत्सव के रुप में मनाया। शाम को सिख समाज के लोग सजधज कर गुरुद्वारे पर आए तथा गुरुनानक के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया। पूरे गुरुद्वारे को दीपो से प्रकाशित कर प्रकाशोत्सव पर्व मनाया। एक दूसरे का मुह मिठा कराकर प्रकाशोत्सव की शुभ कामनाए प्रेषित की। नानक के जन्म के समय आतीशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। पूरा परिसर दीपों तथा विद्युत की रोशनी से जगमगा रहा था।

मदनगंज किशनगढ़. गुरूनानकजयंती पर सजाई गई झांकी।

ओेसवाली मौहल्ला स्थित गुरूद्धारे पर गुरूनानक के जन्म जयंती पर माेमबती जलाकर प्रकाश पर्व मनाते सिख समाज के लोग।