िचकित्सा पद्धतियों में उलझे लाेग
मदनगंज-किशनगढ़ | उपखंडमें स्वाइन फ्लू से कहीं ज्यादा उसकी दहशत फैल रही है। स्वाइन फ्लू से बचने की कोशिश में लोग बार बार चिकित्सा पद्धति बदल रहे हैं।
एलोपैथी
सावधानी : ब्लॉकमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. के. सोनी ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए विशेष सावधानियां बरतें। स्वाइन फ्लू को तीन कैटेगरी में बांट रखा है। बुखार से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में ना आएं। मुंह पर मास्क लगाकर निकले। किसी से हाथ ना मिलाएं। तेज बुखार, तेज खांसी, जुकाम, गले में दर्द होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
उपचार: स्वाइनफ्लू से निजात के लिए ऐलोपैथ पद्धति के पास टेमिफ्लू टेबलेट है। जो स्वाईन सर्दी, जुकाम से ग्रसित व्यक्ति को स्वाईन फ्लू होने से रोकता है। बुखार होते ही ओपीडी में ईलाज कराए। इसके लिए हाल ही में वैक्सीन भी भिजवाई गई। स्वाईन फ्लू पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर टेमिफ्लू, वैिक्सन के जरिये उपचार किया जाता है।
आयुर्वेदपद्धति
सावधानी : आयुर्वेदअस्पताल के वैद्य ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि भीड़भाड़ से बचें और मुंह पर मास्क या कपड़ा बांधकर निकलें। ठंडी जगह से बचें और खाने में खटाई पूर्णतया वर्जित है। मुंह में गर्म पानी की भाप का सेवन करें।
इलाज: इसमें वायु की कमी और कफ की वृद्धि हो जाती है। बुखार बना रहता है, नाक से पानी आता है और दर्द अंग मर्ज होता है भारीपन रहता है। इसके लिए गर्म भाप का सेवन करें। त्रिभुवन रस, गोजिव्हाडी क्वाथ (काढ़ा), नीम, गिलोय का सेवन करें। तुलसी, काली मिर्च, सोंठ का भी सेवन करें।
इलैक्ट्रोपैथी
सावधानी : इलैक्ट्रोपैथअस्पताल के डॉ. योगेंद्र पुरोहित ने बताया कि बार-बार साबुन से हाथ धोएं। ठंडी तली हुई चीजों के सेवन से बचें।
इलाज: इलेक्ट्रोपैथीमें वेनेरियो-1, इस्क्रोफोलोसो ड्रोपर-1, लिम्फ टिगो-1, फेब्रीफ्यूगो-1 दवा है। ये दवा पानी में मिलाकर पिलाई जा सकती है। इसके अलावा फाइव तुलसी भी है। पानी में तीन बार तीन बूंद मिलाकर पिलाने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
यूनानीपद्धति
सावधानी : यूनानीपद्धति के डॉ. वसीम मोहम्मद ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर सर्दी जुकाम से पीड़ित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें। मास्क या रूमाल बांधे और ये किसी और को ना दें।
इलाज: यूनानीपद्धति में स्वाइन फ्लू से ईलाज के लिए जोशांडा (काढ़ा) है जो जड़ी बूटियाें से बना है। इसे पानी में उबालकर पिया जाता है। इसके अलावा शर्बत खाकसी, शर्बत बनफ्शा, हमीर मारवारीड है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। ये इलाज भी कारगर है।
^ स्वाइन फ्लू नई बीमारी है और नया वायरस है। अन्य पद्धतियां इसके लिए कारगर नहीं है। ऐलोपैथ इस पर रिसर्च कर इसका इलाज कर रहे हैं। -डॉ.अशोक जैन, वरिष्ठ फिजिशियन, यज्ञनारायण अस्पताल