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शिक्षा संबलन का दूसरा चरण आज से

6 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज|किशनगढ़/हरमाड़ा

शिक्षणसुधार स्कूल स्तर में सुधार की उम्मीद के साथ शिक्षा संबलन का दो दिवसीय दूसरा चरण बुधवार से शुरू होगा। विभिन्न राजकीय विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों सहित शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा करीब 40 स्कूलों में शिक्षा संबलन का कार्य किया जाएगा।

शिक्षा संबलन के तहत कक्षा 3, 4 5 वीं में से किसी एक कक्षा में तथा कक्षा 6, 7 8वीं कक्षा में से एक कक्षा में शिक्षा के स्तर की जांच की जाएगी। शिक्षा संबलन के आरपी गंगाराम जाट संदर्भ व्यक्ति ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि शिक्षा संबलन का दूसरा चरण 11 फरवरी से शुुरु होगा। दो दिनो में किशनगढ ब्लाक की राजकीय उच्च माध्यमिक, उच्च प्राथमिक सहित प्राथमिक स्कूलों में संबलन का कार्य किया जाएगा। शिक्षा संबलन के कार्य में प्रशासन के उच्च अधिकारियों को लगाया गया है। जिनमें 12 अधिकारी ब्लॉक स्तर के है तीन अधिकारी जिला स्तर के लगाए गए है।

इनस्कूलों में होगा शिक्षा का सबंलन का कार्य

शिक्षासंबलन का कार्य राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल करकेड़ी, बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल करकेड़ी, माध्यमिक स्कूल भदूण, माध्यमिक स्कूल अमरपुरा, बालिका उच्चप्राथमिक स्कूल भदूण, पीएस अरणिया का टीबा, पीएस रोडू मोडू की ढाणी, पीएस गुर्जर मोहल्ला अरांई रोड, पीएस बाजेड़ा बालाजी अरांई रोड, राजकीय बालिका माध्यमिक शार्दुल स्कूल अजमेर रोड, माध्यमिक स्कूल जाजोता, माध्यमिक स्कूल नवा, पीएस किशनपुरा, पीएस मालियांे की ढाणी कुचील, पीएस पेड़ीभाटा, पीएस बालाजी ढाणी सलेमाबाद, पीएस मुंडेलों की ढाणी कोटड़ी, पीएस रामपुरा, पीएस मालियों की ढाणी, 12 फरवरी को पीएस सिंरोज की ढाणी, माध्यमिक स्कूल पाटन, माध्यमिक स्कूल सिंगारा, यूपीएस काचरिया, यूपीएस त्योंद, यूपीएस झोपा की ढाणी रुपनगढ़, यूपीएसजी तिलोनिया, पीएस इनाणियों की ढाणी, पीएस बनेवड़ा की ढाणी, पीएस मीणों की ढाणी, यूपीएसजी हाउसिंग बोर्ड, तथा पीएस बावरियों की ढाणी में किया जाएगा।

गतसत्र में यह रहा था परिणाम

एसएसएसे मिली जानकारी के अनुसार सत्र 2012-13 में शिक्षा का सबंलन 125 स्कूलों में तीन चरणों में चलाया गया था। वर्तमान सत्र में शिक्षा संबलन सितंबर मास में आयोजित किया गया। इसमें कक्षा तीसरी, चौथी तथा पाचंवी कक्षा के साथ कक्षा छठी, सातवी आठवी कक्षा में भी हिन्दी, अंग्रेजी गणित विषय की जांच की गई थी। इसमें करीब सत्तर प्रतिशत स्कूलों में हिन्दी विषय भी विद्यार्थी ढंग से नहीं पढ़ पा रहे थे। गणित अंग्रेजी का हाल बहुत बुरा था। कक्षा पांचवी के विद्यार्थियों केा एबीसीडी नहीं आती थी तथा गणित में पट्टी पावड़ा का अता पता नहीं था। सत्तर प्रतिशत से अधिक स्कूलों में शिक्षा का स्तर औसत से भी नीचे आया था। मगर इनके खिलाफ विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बस चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। प्रथम चरण की गई जांच में हिन्दी में अौसत सुधार दिखा मगर अंग्रेजी, विज्ञान गणित में सुधार के बराबर रहा।