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चिट्ठी-चिट्ठी खेल रहे हैं सरकारी विभाग
मदनगंज-किशनगढ़| कलेक्टर,तहसीलदार, भूप्रबंध अधिकारी, एसीबी आपस में एक दूसरे को पत्र लिख रहे है। लोकायुक्त 5 मई 2014 को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे चुके हैं और 14 जुलाई 14 को गंभीर प्रकृति का प्रकरण जानते हुए लोकायुक्त काे जांच के लिए लिख रहे हैं। भूप्रबंध विभाग 2012 में नामांतरण खाेलता है और 2014 में कहता है कि खातेदारी कभी खोली ही नहीं गई और रिकॉर्ड हमारे पास उपलब्ध है। इस तरह सरकारी विभाग आपस में चिट्ठी-चिट्ठी का खेल कर रहे हैं। ऊंटड़ा निवासी समसुद्दीन पुत्र कमरूद्दीन को छोटी बेवा भोला का वारिस कमरूद्दीन का पुत्र बताया है। छोटी भोला का वारिस बताया है और कमरूद्दीन का पुत्र जबकि छोटी और भोला नाम का कभी भी समसुद्दीन के परिवार में कोई रहा ही नहीं है। दूसरी तरफ सुगम समाधान में जानकारी दी जा रही है कि खसरा नंबर 916 सरकारी भूमि है और खातेदारी दर्ज करना संभव नहीं है। एक तरफ 14 जुलाई को कह रहे है कि भूप्रबंध आयुक्त लोकायुक्त को पत्र भेजा है कार्रवाई जयपुर से ही की जानी है। तीसरी बार खसरा नंबर 916 में खातेदार नहीं बताते हुए राजस्व अधिनियम की धारा 91 में कार्रवाई के आदेश दे रहे है। 91 के आदेश में कोर्ट से बरी किया जा चुका है और उसके बाद नामांतरण भी खोला जा चुका है। इसमें खातेदार ने ऋण भी लिया जिसका नो डयूज भी जारी किया जा चुका है। 8 सितंबर 14 को तहसीलदार का जवाब है कि सिजरा प्रमाण पत्र कोई जारी नहीं हुई तो फिर नामांतरण कैसे खुला। एसीबी एक वर्ष से मुकदमा दर्ज करने के बजाए मार्गदर्शन मांगने में ही दो वर्ष पूरे कर दिए। बिना आधार के छोटी प|ी भोला के नाम नामांतरण खेला जबकि भोलू खां का पुत्र कमरूद्दीन कमरूद्दीन का पुत्र समसुद्दीन है। पटवारी ने मनमर्जी से नामांतरण खोला और समसुद्दीन कईं वर्षों से परेशान हो रहा है।