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अरांई प्रधान हैं तीन संतान के पिता

6 वर्ष पहले
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मदनगंज-किशनगढ़| अरांईप्रधान रामलाल गेजण की तीन संतान हैं। राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 17 (ठ) के अनुसार दो से अधिक संतान होने पर पंचायत समिति सदस्य बनने के लिए अयोग्य घोषित है।

तीन संतान के बावजूद अरांई प्रधान बनने पर गेजण का विरोध शुरू हो गया है। पंचायतीराज चुनाव के तहत शनिवारको अरांई पंचायत समिति प्रधान के लिए रामलाल गेजण चुने गए। गेजण ने कांग्रेस की सीता घासल को सात मतों से हराया। अरांई पंचायत समिति में कुल 17 सदस्य है।

जिसमें से 12 सदस्य भाजपा के है और 3 सदस्य कांग्रेस से दो निर्दलीय है। दोनों निर्दलीय ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया। कांग्रेस ने अपनी सोची समझी रणनीति के तहत चुनाव के दौरान शिकायत नहीं की। अब प्रधान बनने के बाद कांग्रेस सामने गई है।

रजिस्टर्डगोदनामे से दी बेटी : अरांईप्रधान रामलाल गेजण पुत्र के तीन संतान है। ममता, चंता पप्पू। दो लड़की एक लड़के के पिता गेजण ने अपनी छोटी बेटी चंता को वर्ष 2004 में अक्षय तृतीया के दिन अपने रिश्तेदार रंगलाल पुत्र सोनीराम को गोद दे दिया। गांव में मिठाई बंटाकर ढोल बजाकर गोद का दस्तूर किया गया। इसका रजिस्टर्ड गोदनामा 3 दिसंबर 2009 को उपपंजीयक किशनगढ़ के महा करवाया गया।

जिसमें प्रधान रामलाल गेजण उनकी प|ी धारा देवी ने रिश्तेदार रंगलाल उनकी प|ी शंभू देवी के संतान होने के कारण जरिए रजिस्टर्ड गोदनामा किया गया।

क्याकहता है कानून: राजस्थानपंचायतीराम अधिनियम 1994 की धारा 19 (ठ) के अनुार दो से अधिक संतान होने पर जिला परिषद पंचायत समिति के सदस्यों को राज्य सरकार ही अयोग्य घोषित करेगी। इस संबंध में कोई भी व्यक्ति जिसकी जानकारी में इस प्रकार के तथ्य आते है। वह विभाग में जानकारी दे सकता है। प्रधान को हटाए जाने के लिए सरकार के स्तर से कार्रवाई की जाएगी। आरोप स्वीकार करने पर धारा 39 के तहत अपात्र घोषित कर पद रिक्त घोषित करे। स्वीकार करने पर धारा 40 के तहत सक्षम जिला सत्र न्यायाधीश के समक्ष प्रकरण निर्णय के लिए भेजा जाता है।