नए नियम से खाद-बीज विक्रेताओं में हड़कंप
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़
किसानोंको खाद कीटनाशक दवाएं बेचने के लिए अब कृषि स्नातक डिग्री या डिप्लोमाहोल्डर हाेना अनिवार्य है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के इस नए नियम से व्यापार क्षेत्र में खलबली मच गई है। खाद एवं कीटनाशक विक्रेता इस फैसले के विरोध में लामबंद होकर देश एवं प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। इसका असर अजमेर जिला, किशनगढ़ उपखंंड में भी देखने को मिल रहा है।
इतनीदुकानें है यहां: अजमेरजिले में 150 से ज्यादा लाइसेंसधारी दुकानदार हैं। इसमें किशनगढ़ उपखंड में 7 खाद्य, बीज के दुकानदार है। कृषि विभाग के उपनिदेशक वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि सरकार ने अब पेस्टिसाइड फर्टिलाइजर के लाइसेंस के लिए नए नियम लागू किए हैं। इसमें बीएससी एग्रीकल्चर या बीएससी केमेस्ट्री का सब्जेक्ट अनिवार्य कर दिया है। गजट नोटिफिकेशन में लिखा है कि रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट के साथ मास्टर डिग्री या रसायन के साथ कृषि विभाग में स्नातक डिग्री दो साल में हासिल करना अनिवार्य है।
^पहले भी खाद-बीज कीटनाशक विक्रेताआें को लाइसेंस लेना पड़ता था। अब नए नियम के तहत बीएससी एग्रीकल्चर या बीएससी केमिस्ट्री का एक सब्जेक्ट अनिवार्य कर दिया है। लाइसेंस का नवीनीकरण तो कर ही रहे हैं लेकिन नए लाइसेंस सिर्फ योग्यता वालों को ही दिए जाएंगे। -डॉ.महेश कुमावत, कृषि विशेषज्ञ, किशनगढ़