• Hindi News
  • भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाया

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाया

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़

राज्यसरकार ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ा दिया है। इसके लिए कुछ परिवर्तन किए हैं।

नए आदेश के अनुसार योजना में अब रिक्शा चालक, कुली एवं कचरा बीनने वाले भी इसके हकदार होंगे। अभी तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में बीपीएल, स्टेट बीपीएल, अन्नपूर्णा एवं अंत्योदय योजना के लाभार्थी शामिल थे। अब शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समान रूप से मुख्यमंत्री जीवन रक्षा कोष, सभी सरकारी हॉस्टल में अंतवासी, एकल महिलाएं, श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक, पंजीकृत अनाथालय, वृद्धाश्रम, कचरा बीनने वाले परिवार, उत्तराखंड त्रासदी वाले परिवार, रिक्शा चालक, कुली, कुष्ठ रोगी, घुमंतू अर्द्ध घुमंतू जातियों के परिवार, वनाधिकार पत्रधारी को भी लाभ दिया जाएगा।

येहैं खास बातें

-लाभार्थीके लिए सभी सुविधाएं अंतरंग आईपीडी इलाज के साथ कैशलेस होगी।

-परिवार को प्रतिवर्ष चिंहित सामान्य बीमारियों के लिए 30 हजार और चिंहित गंभीर बीमारियों के लिए 3 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा होगा।

-बीमा पूर्व की भी सभी बीमारियां कवर होगी। चिकित्सा प्रक्रिया से पूर्व 7 दिन एवं छुट्‌टी के बाद 15 दिन की चिकित्सा कवर होगी।

-हार्ट रोग एवं अत्यधिक आघात की स्थिति में 100 से 500 रुपए तक प्रति परिवार प्रतिवर्ष यात्रा भी शामिल है।

-बीमा राशि खत्म होने के बाद भी आवश्यकता होने पर कॉपर्स फंड से स्वीकृति का प्रावधान है।

नहींलगाने पड़ेंगे चक्कर

खाद्यसुरक्षा योजना के दायरे में आने के बावजूद अब तक अस्पतालों में ऐसे कईं परिवारों को भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना से लाभान्वित नहीं किया जा रहा है। इसका कारण महज उनके राशनकार्ड पर खाद्य सुरक्षा की सील नहीं होना है। अधिकारियांे ने स्प्ष्ट किया कि इसकी जरूरत ही नहीं है। बीपीएल, स्टेट बीपीएल, अंत्योदय एवं अन्नपूर्णा के तहत बने राशन कार्ड उनके अलग-अलग रंग से स्वत: पहचाने जाते है। इसलिए इनके राशन कार्डों पर खाद्य सुरक्षा की मुहर जरूरी नहीं है। हां, एपीएल श्रेणी के लिए ये जरूरी है।

इन्हेंमिलेगा लाभ

परिवारमें कोई आयकरदाता नहीं हो।

परिवार में किसी सदस्य के पास चौपहिया वाहन नहीं हो। इसमें जीविकोपार्जन वाहन शामिल नहीं है।

शहरी क्षेत्र में एक हजार वर्ग फीट से अधिक में निर्मित पक्का आवासीय, व्यवसायिक परिसर धारी नहीं हो।

सभी सदस्यों के स्वामित्व में कृषि भूमि लघु कृषक के लिए निर्धारित सीमा से अधिक नहीं हो।

-सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाया है। कुछ परिवर्तन भी हुए। अस्पतालों को ये आदेश भेज दिए गए है।

डॉ. केके सोनी, डिप्टी सीएमएचओ