राज लेकर आई लक्ष्मी
बेटीपैदा हुई तो मां ही नहीं परिवार का भाग्य बदल दिया। बेटी के जन्म के तीसरे दिन मां अस्पताल से घर पहुंची। अगले दिन ससुर ने बहू का सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल करवा दिया। दूसरे दिन मतदान हुआ और रात को आए परिणाम ने परिवार में खुशियां भर दी। बेटी राज लक्ष्मी बनकर आई। बहू सरपंच निर्वाचित हुई।
सवाईपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र के श्योपुरा गांव की बहू 24 वर्षीय आशा जाट ने 28 जनवरी को कोटड़ी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। 30 जनवरी को वह अस्पताल से घर के लिए एंबुलेंस से रवाना हुई। आशा ने ससुर से पंचायत समिति जिला परिषद सदस्य के लिए मतदान में हिस्सा लेने की जिद की। ससुर ने चालक को सवाईपुर में एंबुलेंस रोकने को कहा। आशा ने मतदान किया। ससुर ने बहू की जागरूकता देखते हुए उसी दिन निश्चय कर लिया कि वह बहू को सरपंच का चुनाव लड़ाएंगे। तीसरे चरण के लिए कोटड़ी पंचायत समिति क्षेत्र में सरपंच के चुनाव थे। ससुर ने 31 जनवरी को बहू आशा का सवाईपुर पंचायत से सरपंच के लिए नामांकन दाखिल करवा दिया। एक फरवरी को मतदान हुआ। उसी दिन रात में परिणाम सामने गए। पहली बेटी के जन्म के पांच दिन बाद मां सरपंच चुन ली गई। अब ग्रामीण आशा की बेटी अदिति को प्यार से राज लक्ष्मी पुकारने लगे हैं।
सरपंच ने सोमवार को पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर आशा जाट ने कहा कि जिस आशा से ग्रामीणों ने मुझे सरपंच चुना में लोगों की आशा पूरी करने का प्रयास करूंगी।
पूर्व सरपंच अमरचंद गाडरी ने नव निर्वाचित सरपंच आशा को पदभार ग्रहण कराया। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के विभाग महामंत्री बद्री लाल जाट, पूर्व सरपंच नवरतन शर्मा, शांतिलाल सारस्वत, सचिव भगवती शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सवाईपुर. कार्यभार ग्रहण करतीं सरपंच आशा जाट।