सवाईपुर /भीलवाड़ा। जिले के कोटड़ी ब्लॉक के बड़ला, सोपुरा अमरतिया में मिजल्स (खसरा) के 36 रोगी चिन्हित किए गए हैं। आरसीएचओ डॉ. एनके शर्मा ने बताया कि इन गांवों में कुछ बच्चों के शरीर पर दाने निकलने की सूचना पर सर्वे करवाया गया। इसमें बड़ला में दस, सोपुरा में पांच तथा अमरतिया में 21 रोगी मिले। गुरुवार को कोटड़ी ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. जगदीश जीनगर सवाईपुर के डॉ. गोरी शंकर कनवा के नेतृत्व में चिकित्सा टीम ने सर्वे किया। इसमें मिजल्स से प्रभावित घरों में बच्चों के टीके लगवाए तथा दवाइयां बांटी।
चिकित्सा टीमों ने नांदोलाई का खेड़ा, पीथास, सोलंकियों का खेड़ा में भी सर्वे किया। इन टीमों ने क्षेत्र के सरकारी निजी स्कूलों में बच्चों को मिजल्स के लक्षण बताए। आरसीएचओ ने बताया कि इन गांवों से पांच ब्लड सैंपल जयपुर भेजे गए हैं। इसी तरह विस्तृत जांच के लिए दो सैंपल पूणे भेजे गए। इस मौसम में अब तक 125 रोगियों को चिन्हित कर उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि जिले में सभी पीएचसी इंचार्ज को निर्देश दिए हैं कि वे फील्ड में मिजल्स सहित अन्य मौसमी बीमारियों पर निगरानी रखें।
शरीर पर दाने हों तो दिखाएं : शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी आगाल के अनुसार, किसी रोगी को एक-दो दिन से ज्यादा बुखार रहने के साथ ही हल्की खांसी होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। इसमें यदि रोगी के शरीर पर लाल दाने बने हों या आंखें लाल हों या ज्यादा छींके आएं तो मिजल्स के लक्षण हो सकते हैं।
आरसीएचओ ने बताया कि गुरुवार को गांवों में सर्वे के दौरान कई परिवारों में बच्चों को टीका नहीं लगवाया। वे मिजल्स के लक्षण जैसे शरीर पर लाल दाने आना आदि को देवता का असर मानकर टीके नहीं लगवाते हैं। उन्होंने बताया कि जिला स्तर से एक टीम भेजी जाएगी, यह टीम गांवों में जागरूकता का काम करेगी।
ऐसे करें बचाव : - मिजल्स रोगी से स्वस्थ बच्चे गर्भवती महिलाओं को दूर रखें। {बच्चा नौ माह का होने पर खसरे का टीका अवश्य लगवाएं। {मिजल्स रोगी बच्चे को बार-बार पानी पिलाएं। {बच्चे को साफ-सुथरा रखें और नियमित दवाइयां दें।
चिकित्सा विभाग की टीम ले रही है सैंपल।
कोटड़ी. क्षेत्र के सोपुरा में खसरा पीड़ित बच्चे की जांच करता चिकित्सा दल।