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कोटपूतली : मंजू देवी को 11 मतों से विजयश्री
पंंचायत समिति के वार्ड 15 से भाजपा प्रत्याशी मंजू देवी ने निर्दलीय गीता गुर्जर को 11 मतों से पराजित कर प्रधान की कुर्सी पर कब्जा जमाया। मंजू देवी के निर्वाचन की घोषणा होते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं पंचायत समिति कार्यालय में रिटर्निंग अधिकारी सुनील पूनिया ने मंजू देवी को प्रतिवर्ष 100 घंटे सफाई के नाम पर श्रमदान करने की शपथ दिलाई।
जानकारी के अनुसार पंचायत समिति कार्यालय में आयोजित प्रधानी चुनावी कार्यक्रम में तय समय सीमा तक वार्ड 15 से निर्वाचित मंजू देवी (भाजपा निर्दलीय), वार्ड 23 से निर्वाचित ममता कसाना (भाजपा) वार्ड 19 से गीता देवी (निर्दलीय) प्रत्याशी के रूप में निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया। भाजपा की और से सिंबल मंजू देवी को मिलने के बाद भाजपा प्रत्याशी के रूप में मंजू देवी तथा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ममता कसाना गीता गुर्जर के बीच मतदान हुआ। इसमें भाजपा प्रत्याशी मंजू यादव को 18, गीता गुर्जर को 7 ममता कसाना को 2 मत मिले। निर्वाचन अधिकारी सुनील पूनिया ने भाजपा की मंजू देवी को निर्वाचित घोषित कर उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
पंचायतसमिति परिसर बना छावनी
शनिवारको प्रधान पद के चुनावों के लिए जहां पंचायत समिति की तरफ आने वाले रास्तों पर बल्ली लगाकर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया, वहीं पुलिस के आला अधिकारी सहित दर्जनों पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से परिसर पुलिस छावनी जैसा बना हुआ था। इस मौके पर एडीएम राजवीर सिंह यादव, सहायक पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्दू सहित विभिन्न थानों का जाब्ता मौजूद था।
भाजपाका बोर्ड बनने पर जताई खुशी
पंचायतसमिति प्रधान भाजपा का बन जाने से जहां भाजपाइयों ने खुशी का इजहार करते हुए मिठाई वितरित की, वहीं पटाखे छोड़े गए। इस मौके पर विधानसभा प्रभारी बनवारी लाल यादव, जिला मंत्री मुकेश गोयल, मनोज भूषण सहित कई भाजपाइयों ने विचार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का आभार व्यक्त किया।
पुलिसके खिलाफ आक्रोश
न्यायालयपरिसर के सामने शनिवार सुबह एक मुवक्किल, एक वकील से पूछताछ करने के लिए खड़ा था कि वहां तैनात एक पुलिस कांस्टेबल ने गुस्से में वकील काे वहां से जाने के लिए डंडे से इशारा करते हुए जोर से आवाज लगाई। वकील को यह बात नागवार गुजरी। इस पर कई वकील एकत्र होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तमीज से पेश आने की बात कहने लगे। वकीलों के एकत्र होने पर स्थिति बिगड़ने की आशंका पर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने हस्तक्षेप करते हुए मामला शांत कराया। ज्ञात हो कि न्यायालय परिसर पंचायत समिति कार्यालय के बीच मात्र एक दीवार ही है। प्रधान चुनाव को लेकर न्यायालय परिसर के सामने गहमा गहमी रही। वकीलों का कहना था कि मुवक्किल तो वकील के पास ही आएगा, लेकिन पुलिस बेवजह उन्हें वहां से हटा रही थी।