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जिले में 8 ग्रेजुएट 3 पीजी प्रधान

6 वर्ष पहले
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प्रत्याशियों ने नहीं दी खर्चे की जानकारी

पंचायतीराजचुनाव में शिक्षा की अनिवार्यता लागू कर देने से पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायतों में अब सूरत बदली बदली सी नजर आएगी। पहले जहां अनपढ़ लोग भी चुनाव जीत कर गांव की सरकार के मुखिया बन जाते थे, अब शिक्षित हाथों में बागडोर जाने से पंचायतराज के पुराने दिग्गज हाशिए पर गए। जयपुर जिले की 15 पंचायत समितियों में आठ ग्रेजुएट एवं तीन पोस्ट ग्रेजुएट प्रधान बने हैं। पढ़े-लिखे जनप्रतिनिधि चुने जाने से कई प्रकार के फैसले एवं प्रस्ताव लेने में दूसरों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।

येहैं स्नातक

आमेरप्रधान सीताराम शर्मा, दूदू प्रधान संतोष, गोविंदगढ़ प्रधान लालचंद सेरावत, जालसू प्रधान बादाम देवी, कोटपूतली प्रधान मंजू देवी स्नातक तक पढ़े हुए हैं, जबकि शाहपुरा प्रधान नंदलाल गोठवाल, जमवारामगढ़ प्रधान रामजीलाल मीणा एवं झोटवाड़ा प्रधान प्रोफेशनल स्नातक किए हुए हैं।

येहैं पोस्ट ग्रेजुएट

पावटाप्रधान रेखा मीणा एवं सांभरलेक प्रधान बबली कंवर पोस्ट ग्रेजुएट तक शिक्षा ग्रहण किए हुए हैं।

तीन10वीं पास

विराटनगरप्रधान शिंभुदयाल रैगर, फागी प्रधान सरोज पारीक सांगानेर प्रधान कैलाश कुमावत दसवीं पास हैं। बस्सी प्रधान गणेशनारायण शर्मा एवं चाकसू प्रधान पिंकी देवी 12वीं पास हैं।

आठउपप्रधान सेकंडरी पास

आमेरके हरिनारायण मीणा, बस्सी मोहनलाल मीणा, दूदू प्रकाश, झोटवाड़ा प्रकाश चंद वर्मा, सांभरलेक रामस्वरूप यादव,विराटनगर ममता देवी, पावटा पिंकी, जालसू उप प्रधान अचरज कंवर दसवीं पास, कोटपूतली उप प्रधान मोहनलाल हायर सैकंडरी पास है। सांगानेर उप प्रधान प्रकाशचंद मीणा गोविंदगढ़ उप प्रधान कैलाशचंद शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट, शाहपुरा उप प्रधान मामराज शर्मा, चाकसू आशीष तथा फागी उप प्रधान बिशनसिंह स्नातक, जमवारामगढ़ उप प्रधान रामफूल गुर्जर प्रोफेशनल ग्रेजुएट किए हुए है।

नहींसिखाना पड़ेगा हस्ताक्षर करना

ग्रामपंचायत एवं पंचायत समितियों में पहले जहां सरपंच एवं प्रधान अनपढ़ बन जाते थे। जिस पर परिजनों को चेकों पर हस्ताक्षर करने के लिए कई दिनों हाथों में कलम पकड़वाकर हस्ताक्षर करने का अभ्यास करवाना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इससे पंचायतों में विकास की बयार बहने की उम्मीद है।

मैड़. कस्बेमें सोमवार को नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान करते ग्रामीण।

कोटपूतली में चार सरपंचों को कारण बताओ नोटिस

कोटपूतली| हालही निर्वाचित हुए कुछ सरपंच जीत की खुमारी में इस कदर डूब गए कि निर्वाचन आयोग को खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि निकल जाने के बाद भी खर्च का ब्यौरा निर्वाचन कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया। ऐसे सभी लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए है। निर्वाचित सरपंचों को मतदान की तिथि से तीन दिन के भीतर अपना खर्च का ब्यौरा एटीओ कार्यालय में प्रस्तुत करना था लेकिन निर्वाचित आधे सरपंचों ने अंतिम तिथि तक खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत नहीं किया। एटीओ रतिराम अलोरिया ने बताया कि कोटपूतली पंचायत समिति की 31 ग्राम पंचायतों में से 28 पावटा की 29 ग्राम पंचायतों में से 28 निर्वाचित सरपंचों ने ही खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत किया है। जबकि दोनों पंचायत समितियों के 4 सरपंचों ने खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत नहीं किया। एटीओ कार्यालय के अनुसार ग्राम पंचायत देवता, चतुर्भुज, कल्याणपुरा खुर्द पावटा की भूरी भड़ाज पंचायत के निर्वाचित सरपंचों ने खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत नहीं किया जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।