बसंत पंचमी पर कल साल का पहला अबूझ सावा
कोटपूतली| बसंतपंचमी का पर्व शुक्रवार को है। इसे अबूझ सावो का मुहूर्त माने जाने के साथ इस बार स्वार्थ सिद्धि अमृत योग से इस पर्व का महत्व और बढ़ गया है वैवाहिक जीवन में बंधने वाले के अलावा किसी नई योजना की शुरूआत के लिए भी यह योग श्रेष्ठ माना गया है। बसंत पंचमी के दिन सुबह 9 बजकर 7 मिनट से अगले दिन सुबह 7 बजकर 13 मिनट तक स्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इस दिन सरस्वती पूजन का विशेष है। इस दिन जिनकी शादी है, वे मां सरस्वती को सफेद फूल अर्पित कर नए जीवन की सुखमय शुरूआत करे। पंडित अनुज शास्त्री के अनुसार यह पर्व ऋतुराज बसंत के आगमन का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु सरस्वती का पूजन होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली का पंचम भाव शिक्षा का होता है। पंचमी तिथि से शिक्षा प्रारंभ करने से विशेष सफलता मिलती है। सरस्वती विद्या की देवी है। सुबह 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 20 मिनट तक पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त है।