पावटा पंचायत समिति बनी ट्रेनिंग सेंटर
एकऔर तो राज्य सरकार विकास की गंगा बहाने की बात करती है वही दूसरी और नई पंचायत समितियां भी सृजित कर रही है। जिनमें से पावटा पंचायत समिति को भी राज्य सरकार ने घोषित किया था जिसके कार्यालय का शुभारम्भ गत 23 फरवरी 2015 को वन विभाग के विश्राम कार्यालय में विराटनगर विधायक डॉ. फूलचन्द भिण्डा के मुख्य आतिथ्य में हुआ था ग्रामीणों ने बताया पावटा पंचायत समिति के सृजित होने के एक साल बीत जाने के पश्चात आज तक पंचायत समिति ने विकास की गति नहीं पकड़ पाई है, बल्कि इस एक साल के अन्दर चार विकास अधिकारी बदले जा चुके है। इसी कारण बुधवार को पावटा पंचायत समिति पावटा की साधारण सभा की बैठक नहीं सकी। जिसके कारण अनेक सरपंच पंचायत समिति सदस्यों को वापिस लौटना पडा।
एकसाल में चार बीडीओ बदले, कई ट्रेनर आए
नवसृजितपावटा पंचायत समिति के एक साल के अन्दर पंचायत समिति से मिले ऑकडे के अनुसार फरवरी 2015 को प्रारम्भ हुए कार्यकाल में 5 दिन पंचायत समिति सहायक अभियन्ता के पास विकास अधिकारी का चार्ज था। उसके पश्चात 5 फरवरी 2015 से कोटपूतली पंचायत समिति विकास अधिकारी राजबाला मीणा को अतिरिक्त चार्ज दिया गया, जिनके पास 16 जून 2015 तक चार्ज रहा। उसके पश्चात 17 जून 2015 से 21 जनवरी 2016 तक विकास अधिकारी रेखा रानी व्यास को कार्यभार ग्रहण किया, जिनको राज्य सरकार के निर्देशन पर जल स्वावलम्बन कोटपूतली क्षेत्र का प्रभारी लगाया गया और इनकी जगह 22 जनवरी 2016 से पावटा पंचायत समिति विकास अधिकारी प्रशिक्षु आईएस आशीष मोदी को चार्ज दे दिया गया वित्तीय आहरण चार्ज भी दे दिया गया। पंचायत समिति से मिली जानकारी के अनुसार 10 फरवरी 2016 को जिला कलेक्टर के आदेश पर आरएएस प्रशिक्षु सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित को कार्यवाहक विकास अधिकारी लगा दिया
साधारणसभा नहीं हो पाई
पावटापंचायत समिति सरपंच संघ अध्यक्ष द्धारिकपुरा सरपंच मामराज गुर्जर ने बताया कि बुधवार को पंचायत समिति पावटा की साधारण सभा होनी थी, लेकिन पंचायत समिति में आने के पश्चात जानकारी मिली की कि पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक नहीं हो पाई। जिसकी वजह से सभी जनप्रतिनिधियो को पुन वापिस लौटना पडा
एकवर्ष में मात्र 4 बैठकंे हुई
पावटापंचायत समिति पंचायत प्रसार अधिकारी कैलाश गुर्जर ने बताया की पावटा पंचायत समिति की साधााण सभा की पहली बैठक 21 मई 2015, दूसरी बैठक 7 जुलाई 2015, तीसरी बैठक 2 सितम्बर 2015, चौथी बैठक 4 दिसम्बर 2015 को हुई। जिनमें अनेक विकास के प्रस्ताव लिखवाए गए। बैठकें नहीं होने से विकास के कार्य अटक गए है, जिससे आमजन परेशान हो रहे है।
येपद हैं सृजित, जिनमें कुछ रिक्त चल रहे हंै
पावटापंचायत समिति उपप्रधान पिंकी टीटू कंवर ने बताया कि पंचायत समिति में 1 विकास अधिकारी,1 सहायक अभियन्ता ,पंचायत प्रसार अधिकारी के 6 पद स्वीकृत है। जिसमें 1 प्रगति प्रसार अधिकारी, वरिष्ठ लिपिक 2, लिपिक के 2 दो, चार चतुर्थ श्रेणी, सहायक लेखा अधिकारी 2, सहायक सचिव के 2 पद रिक्त चल रहे है। पंचायत समिति में स्वयं का वाहन भी एक साल बीत जाने के बावजूद नहीं मिला है। जिसके कारण प्रधान विकास अधिकारी को कही पर भी मौका निरीक्षण या दौरा करने में परेशानी का सामना पड़ रहा है।
उधार के भवन में चल रही पंचायत समिति पावटा
पावटापंचायत समिति संस्थापन प्रभारी रामजीलाल वर्मा ने बताया कि पंचायत समिति का स्वयं का भवन नही होने की वजह से विश्राम गृह के 4 कमरे 1 हाल में पंचायत समिति चल रही है, जिसमें 1 कमरा प्रधान, 1 विकास अधिकारी, 1 पंचायत समिति एईएन, 1 कमरा संस्थापन प्रभारी 1 हाल में सभी कर्मचारीगण, पीओ अन्य अधिकारीगण बैठकर काम निपटाते है। समिति में शौचालय पीने के पानी की भी समस्या है।