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375 मुफ्त दवाएं, कुचामन में 200 भी नहीं मिलतीं
बड़ी परेशानी
उपखंड में आधे से कम दवाइयों की हो रही है आपूर्ति, ग्रामीण अंचल में पड़ रहा मरीजों पर आर्थिक भार
शिवप्रकाश पुरोहित | कुचामन सिटी
पूर्ववर्तीराज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना ने कुचामन क्षेत्र में जैसे सरकार बदलने के साथ ही मुंह मोड़ लिया है।
एक साल पहले यहां 375 निशुल्क दवाएं मिल रही थीं जो अब 200 भी नहीं हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में केवल 100 तरह की दवाएं ही मरीजों को निशुल्क मिल रही हैं। इस योजना की शुरुआत में 450 दवाइयां शामिल की गई थीं। बाद में बढ़ाकर निशुल्क दवाओं की संख्या 650 तक पहुंच गई। इधर, दवाओं की कमी से मरीज चिकित्सालयों से वापस लौट रहे हैं। या फिर उन्हें एक या दो दवाएं देकर ही संतुष्ट किया जा रहा है। दवाओं की लोकल परचेज भी नहीं हो रही है जिससे कई गंभीर रोगियों के मरीजों को परेशानी हो रही है। कुचामन का राजकीय अस्पताल आसपास के क्षेत्रों में सबसे बड़ा अस्पताल है। रोजाना यहां एक हजार से अधिक मरीज चैकअप कराने आते हैं। जब वे मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना काउंटर पर पहुंचते हैं तो पहले उन्हें लाइन में लंबा इंतजार करना पड़ता है। इंतजार के बाद भी सिर्फ एक दो दवाइयां ही दी जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों की सीएचसी और पीएचसी पर तो हालात और भी खराब हैं। कई गांवों में सिर्फ नाम मात्र की दवाइयां ही मिल रही हैं। शेषपेज 15 पर
कुचामन सिटी. काउंटरके बाहर लगी मरीजों की कतार।
^मुझे दो दिन से बुखार है और यहां उपचार के लिए आया था लेकिन मुझे पांच में से दो ही दवाइयां नि:शुल्क दी गई। -आदिलखान, मरीज
^मेरे हाथ के फ्रैक्चर हो जाने पर मैं यहां आई थी लेकिन मुझे केवल एक ही दवा दी गई। अन्य दवाइयां बाजार से लेने के लिए कहा गया है। -विमलाकंवर, मरीज
^नि:शुल्क दवा योजना के तहत जिन दवाईयों की आपूर्ति हो रही हैं उन्हें मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा हैं साथ ही स्थानीय स्तर पर दवाईयों की खरीद के लिए पर्याप्त बजट नहीं होने के कारण बहुत आवश्यक होने पर ही दवाईयों की खरीद की जाती हैं। -डॉ.रघुवीरसिंह र|ू, प्रभारी,राजकीय चिकित्सालय
^पिछलेकुछ समय से दवाइयां की आपूर्ति पूरी नहीं हो रही हैं लेकिन अब टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही मरीजों को पूरी दवाइयां मिलने लगेगी। -डॉ.दिनेश शर्मा, ब्लाकसीएमएचओ, कुचामन सिटी।