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छोटी बहन देगी बड़े भाई को अपने लीवर के टिश्यू
एकयुवक प्रत्येक शनिवार को दुकानों पर जाकर नीबू मिर्ची टांगता था। एक बार बीमार हुआ तो उसका लीवर कुछ हिस्सा डेमेज हो गया। अब उसकी मदद को कुचामन शहर के मोबाइल डिस्ट्रीब्यूटर्स एवं रिटेलर्स एसोसिएशन के लोग आगे आए और उन्होंने 37 हजार रुपए एकत्र कर उसके परिवार को दिए हैं। हालांकि अभी उसके इलाज के लिए 12 लाख रुपए की जरूरत है।
थोड़ी सी उम्मीद इस बात से जागी है कि युवक की छोटी बहन उसे अपने लीवर के कुछ टिश्यू देने को तैयार हो गई है।
मोबाइल एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज कुमावत ने बताया कि शहर में शनिवार को दुकानों पर नीबू-मिर्च टांग कर लोगों की दुकानों को बुरी नजर से बचाने वाला और इसी से अपने परिवार को चलाने में मदद करने वाला 22 वर्षीय कमल भार्गव चार वर्ष पहले पीलिया के कारण बीमार हो गया था। उसका काफी इलाज करवाया। लेकिन उसका लीवर डेमेज हो गया। उसके पिता बाबूलाल भार्गव ने बताया कि कमल का जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि कोई अपने लीवर से कुछ टिश्यू (उत्तक) उसे दे दे तो उसकी जान बचाई जा सकती है। इसके ऑपरेशन पर करीब बारह लाख रुपए खर्च होंगे।
कमल की छोटी बहिन 19 वर्षीय कविता ऐसा करने पर सहमत हो गई है। कमल के पिता लोगों से मदद जुटा रहे हैं। कमल दो भाई दो बहनों में सबसे बड़ा है घर परिवार का खर्च चलाने में उसका योगदान है। कमल की बीमारी से पूरे परिवार की आजीविका पर भी संकट आया हुआ है।
मोबाइल डिस्ट्रीब्यूटर्स रिटेलर्स एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने रविवार को शहर के लोगों से सहयोग राशि एकत्रित की। कमल के पिता ने मोबाइल एसोसिएशन को कमल की बीमारी की बात बताई थी। एसोसिएशन ने 37 हजार रुपए एकत्र कर कमल के पिता को दिए हैं। एसोसिएशन के पवन सारड़ा, नीलकमल शर्मा, आनन्द बागड़ा, मनोज कुमावत, रामेश्वर लाल बिजारणिया, मनोज राजोरिया, कुलदीप सिंह, विष्णु खण्डेलवाल, राधेश्याम सेवदा सहित सदस्य उपस्थित थे। हालांकि अभी भी इतनी सी रकम से बात नहीं बनेगी, इसलिए कमल के पिता परेशान हैं।