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शैक्षणिक विकास के लिए अनुशासनात्मक वातावरण जरूरी : कड़वा

5 वर्ष पहले
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सवाल : संस्थान की विशेषताएं बताएं ताकि अभिभावक अपने बच्चे को यहां प्रवेश दिलाएं

जवाब:कुचामन सिटी को वैसे भी शिक्षानगरी से जाना जाता है तो इस लिहाज से यहां सभी संस्थान अच्छा प्रयास कर रहे हैं। मेरा मानना है कि बच्चों के बौद्धिक और शैक्षणिक विकास के लिए अनुशासनात्मक वातावरण की मुख्य भूमिका होती है। हम अपने संस्थान में इस बात का विशेष ख्याल रखते हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों के सुसंस्कारयुक्त जीवन के निर्माण को लेकर विभिन्न गतिविधियों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है। 2007 में हमने यह विद्यालय जब शुरू किया था तभी से इन बातों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके कारण जो परिणाम है आपके सामने हैं। स्कूल में हर साल मैरिट में हमारी स्कूल के विद्यार्थियों ने अपना स्थान बनाने में कामयाबी हासिल की है।

सवाल:पढ़ाई में क्या खास है और गत वर्षों में परिणाम कैसे रहे

जवाब:बच्चों की पढ़ाई के लिए मोटिवेशन पर खास जोर दिया जाता है और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित की जा रही है। सभी विषयों में विशेषज्ञ अध्यापकों की लंबी टीम है। अधिकांश शिक्षक हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, कोटा यूपी के शहरों के है। यह टीम हर लेसन की गहन स्टडी तो करवाती ही है साथ ही रिवीजन पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है। यहां कला, वाणिज्य के साथ ही विज्ञान कृषि विज्ञान संकाय उपलब्ध है। वर्तमान में विद्यालय में 2200 विद्यार्थी अध्ययनरत है। स्थापना से ही प्रतिवर्ष बोर्ड की मैरिट में हमारे विद्यार्थी जगह बनाते आए हैं।

सवाल:फीस कितनी और हॉस्टल की कैसी सुविधाएं है।

जवाब:हमारी फीस अन्य विद्यालयों की तुलना में अधिक नहीं है। विद्यार्थियों अभिभावकों के हितों को देखते हुए न्यून फीस है। इसके साथ ही सुविधाओं के लिहाज से भी बिल्कुल वाजिब है। हॉस्टल में घर से दूर ही घर जैसा माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। जहां पर नाश्ते और भोजन में पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जाता है। शांत और प्राकृतिक वातावरण में स्थित हॉस्टल में अभी 415 बच्चे रह रहे हैं। यहां पर सुबह और शाम को विशेष कक्षाओं में परीक्षा की दृष्टि से खास तैयारी करवाई जाती है। जिससे भी विद्यार्थियों को पढ़ाई में काफी हद तक मदद मिलती है।

जगदीश कड़वा, निदेशक

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