मोबाइल जाम, बसों ट्रेनों में भी नहीं मिली जगह
उदयपुर. पटवारीपरीक्षा में शनिवार को सुखेर स्थित विट्टी इंटरनेशनल स्कूल परीक्षा केंद्र से फर्जी परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया है। आईआईटी रूडकी में अध्ययनरत यह छात्र भीलवाड़ा के अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। पुलिस ने कुचामन सिटी स्थित आनंदपुरा निवासी मनोज (22) पुत्र हीराराम चौधरी को गिरफ्तार किया है। आरोपी आईआईटी रुडकी में फाइनल ईयर का छात्र है। सुखेर पुलिस के अनुसार भीलवाड़ा निवासी अवधेश कुमार कोटवाल का नाम परीक्षा केन्द्र पर पंजीकृत था। उसका पहचान पत्र लेकर मनोज चौधरी परीक्षा देने पहुंचा था। अवधेश कुमार का भाई भी उदयपुर के ही एक कॉलेज से इंजीनियरिंग का छात्र है। दोपहर 12 बजे परीक्षा शुरू होने से पहले विट्टी इंटरनेशनल स्कूल केंद्र में साधारण जांच के बाद उसे कमरा नंबर 6 में एंट्री दे दी गई थी। वहांं क्रम संख्या 24 पर बैठे इस छात्र की परीक्षा शुरू होने में 5 मिनट पहले इनविजिलेटर सुशील सैन और मनोज कुमार आमेटा ने परिचय पत्र जांचते हुए फोटो मिलान किया। आशंका होने पर इनविजिलेटर ने इससे दाड़ी-मूछ बढ़ी होने और आईडी में क्लीन शेव दिखने पर कारण पूछते हुए वर्तमान स्थिति का फोटो लगाने के लिए कहा। शेषपेज 17 पर
सेवा बोर्ड की ओर से ही थी व्यवस्था
^क्षेत्र में संभवत: पहली बार जैमर का प्रयोग हुआ। अधीनस्थ सेवा बोर्ड की ओर से 25 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे। ये सेवा बोर्ड की ओर से ही लगाए जाने की व्यवस्था थी। तीन परीक्षा केंद्रों में जैमर का प्रभाव नहीं रहा। इसकी रिपोर्ट भेज दी है। महेंद्रमीणा, एसडीएम, कुचामन सिटी।
कंट्रोल रूम को भी हुई परेशानी
परीक्षाकेंद्रों में जैमर लगने से सर्वाधिक परेशानी एसडीएम ऑफिस स्थित परीक्षा कंट्रोल रूम को हुई। परीक्षा शुरू होने से पूर्व जहां केंद्रों की स्टेट्स रिपोर्ट लेने के लिए कंट्रोल रूम में तैनात कार्मिक परीक्षा केंद्राधीक्षक से संपर्क करने में असफल रहे। परीक्षा शुरू होने के करीब एक-डेढ़ घंटे बाद तक भी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की अनुपस्थिति की सूचना अपडेट नहीं हो पाई। एक कार्मिक ने भास्कर प्रतिनिधि को बताया कि केंद्राधीक्षकों की सूची में मोबाइल नंबर दर्ज है लेकिन जैमर के चलते मोबाइल पर संपर्क नहीं हो पा रहा। ऐसे में परीक्षा केंद्रों के लैंडलाइन नंबरों की तलाश के लिए मशक्कत करनी पड़ी। वहीं कई केंद्रों पर लैंडलाइन फोन पर संपर्क नहीं होने के कारण कार्मिकों को परीक्षा केंद्र तक दौड़ लगानी पड़ी।
परीक्षा से पूर्व में जैमर की नहीं थी लोगों को जानकारी
किसीभी परीक्षा में पहली बार बड़े स्तर पर जैमर लगाए जाने की शहर में लोगों को जानकारी नहीं थी। इसके कारण सुबह से ही लोग परेशान नजर आए। मोबाइल में नेटवर्क नहीं होने से परेशान लोगों ने पहले तो इसे अपनी नेटवर्क कंपनी की खराबी माना। बाद में दो-तीन घंटों तक भी सेवाएं दुरुस्त नहीं होने के बाद एक-दूसरे से इस बारे में जानकारी ली, तब लोगों को पता चला।
बसें लगाई करीब 70
परीक्षार्थी बैठे करीब 85
मनोज चौधरी
बस में क्षमता 52
कुचामन सिटी| पटवारीभर्ती परीक्षा में उमड़े परीक्षार्थी परीक्षा संपन्न होते ही अपने घर की ओर जाने को उतावले नजर आए। घर की राह पकड़ने की जल्दबाजी में बसों में यात्रियों की खासी भीड़ नजर आई। इस दौरान रोडवेज यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ा। हालांकि रोडवेज की ओर से परीक्षार्थियों की भीड़ देखते हुए अतिरिक्त बसों की भी व्यवस्था की गई थी। लेकिन भीड़ के आगे इंतजाम नाकाफी साबित हुए। हालांकि बाद में रोडवेज की ओर से इंतजाम कर परीक्षार्थियों को अतिरिक्त रोडवेज बसें उपलब्ध कराई गई। कुचामन में इससे 50 हजार के अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति हुई। हालांकि यह आंकड़ा यहां से काटी गई टिकटों के आधार पर है, जबकि बसों में भारी भीड़ के कारण ईटीएम मशीन द्वारा कंडक्टरों ने भी बस में इतनी की टिकटें काटी है। इससे रोडवेज राजस्व का आंकड़ा सवा-डेढ़ लाख रुपए तक पहुंचने की संभावना है।