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ढाई साल की बालिका की मौत पर दिनभर नाटकीय घटनाक्रम
कस्बेमें ढाई साल की बालिका की मौत के बाद अंधविश्वास के चलते गुरुवार को दिनभर नाटकीय घटनाक्रम चलता रहा। परिजनों ने बालिका के समाधि लेने की अफवाह फैला दी। इससे लोग पूजा अर्चना करने लग गए और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस प्रशासन तक पहुंची तो अधिकारी दौड़े। बाद में परिजनों को समझा कर कब्र से बालिका का शव निकलवा कर पोस्टमार्टम कराया। घटना कुम्हेर के धनवाड़ा रोड स्थित नट बस्ती की है। यहां के विनोद सिंह की ढाई वर्षीया बालिका खुशबू जन्म के बाद से ही बीमार रहती थी। परिजनों के अनुसार बालिका सिर्फ दूध पानी पिया करती थी। वह अपने आप को देवी का अवतार बताती थी। परिजनों के अनुसार बालिका को सपना आया था, कि गत रात 12 बजकर 5 मिनट पर उसकी मौत हो जाएगी और उसने घर वालों को यह भी कहा था कि मरने के बाद उसका सिंगार कर पुराने घर के सामने दफना दिया जाए।
शेषपेज 13 पर...
ढाईसाल की बािलका...
परिजनोंने बताया कि रात 12 बजकर 5 मिनट पर बालिका की मौत हो गई और उसके कहे अनुसार उसे दफना दिया गया। बालिका को जिस स्थान पर दफनाया गया था, वहां नट समाज के लोगों ने पांडाल लगाकर पूजा पाठ शुरू कर दी। ऐसा देख मामला चर्चा में गया और लोगों में तथाकथित समाधि लेने की बात आग की तरह कस्बे में फैल गई। पूजा अर्चना परिवार के माता-पिता ही नहीं अन्य लोग भी कब्र वाली जगह पर करने लग गए और लोगों की भीड़ हो गई। पता चलने पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और वहां को पूजा अर्चना का नजारा देख हतप्रभ रह गए। मौके पर उपखण्ड अधिकारी मोहनसिंह चारण, थाना अधिकारी आलोक गौतम, गिरदावर पूरनसिंह सहित कस्बे के पटवारी आदि भी पहुंच गए तथा मामले की पूछताछ कर जांच में जुट गए।
सवाल मांगते जवाब
ढाईसाल की बच्ची को ठीक से बोलना तक नहीं आता फिर वह सपने की बात कैसे बता सकती है।
-बच्ची की रात को मौत होने के बाद आस पड़ौस के लोगों को क्यों नहीं पता चलाω
-बच्ची की पूर्व घोषणा के मुताबिक मौत कहीं साजिश तो नहींω
-देवी का अवतार मानती थी तो वह आखिर बीमार क्यों रहती थीω
कुम्हेर. बालिका को दफनाए गए स्थान पर रखी पूजा सामग्री एकत्रित लोग।