बैकफुट पर आया बैंक उपभोक्ता, जांच में कैशियर निलंबित
भास्करर संवाददाता | कुम्हेर
कैथवाड़ा।कस्बे की पीएनबी शाखा से ग्राहक के खाते से 50 हजार रुपए निकलने के मामले में तूल पकड़ लिया है। जहां जांच के बाद बैंक अधिकारियों ने बैंक के कैशियर को निलंबित कर दिया, वहीं मैनेजर ने थाने में रिपोर्ट दी है। इधर दूसरी ओर ग्राहक पहले शिकायत करने के बाद पीछे हट गया है और उसने खुद ही रुपए निकाले जाने की बात बैंक को लिखकर दी है।
गांव नीमला के फत्ते मेव ने कुछ दिन पूर्व बैंक में लिखित शिकायत की थी कि उसके बैंक खाते से किसी ने 50 हजार रुपए निकाल लिए हैं। उसने शिकायत में लिखा था कि 15 अक्टूबर 2015 को उसके खाते से किसी ने 50 हजार रुपए निकाल लिए। इस घटना से बैंक में हड़कंप मच गया। बैंक ने इस घटना की तुरंत जांच करनी शुरू कर दी। बैंक मैनेजर विजय सिंह ने बताया कि कैशियर सुखांत देव नाथ के खिलाफ 9 फरवरी को थाने में परिवाद पेश किया है, जिसमें लिखा है कि गांव नीमला के रहने वाले फत्ते मेव ने बैंक में 50 हजार रुपए निकलने की शिकायत की थी। जब शिकायत की गहनता से जांच की। इस दौरान ग्राहक फत्ते मेव के रुपए कैशियर सुखांत देव नाथ ने निकालने की बात स्वीकार की। 15 अक्टूबर 2015 के ड्राफ्ट पर फत्ते मेव का अंगूठा का निशान नहीं था। वह किसी और व्यक्ति का अंगूठे का निशान था। कैशियर ने कहा जांच के दौरान ये भी कहा कि वह ग्राहक फत्ते मेव के रुपए लौटा देगा। कैशियर सुखांत देव नाथ ने बैंक में ये भी कहा कि मेरा मन करता है कि मैं सुसाइड कर सभी बैंक स्टाफ को फंसा दूं। फिलहाल बैंक मैनेजर विजय सिंह ने कैशियर सुखांत देव नाथ को निलंबित कर दिया है। मैनेजर सिंह ने बताया कि इस घटना की सच्चाई तो पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग पाएगी कि इसमें क्या सच्चाई है।
अबशिकायतकर्ता बोला शिकायत झूठी
ग्राहकफत्ते मेव ने पहले बैंक में उपस्थित होकर उसके खाते से 50 हजार रुपए निकाले जाने की लिखित शिकायत की थी। परंतु उसके बाद 9 फरवरी को फत्ते मेव ने पुनः बैंक में जाकर शिकायत को झूठी बताया। उसने बैंक को लिखित में दिया है कि वह 15 अक्टूबर 2015 को बैंक में अपने किसी रिश्तेदार के साथ आया था। मैंने स्वयं बैंक से 50 हजार रुपए निकाले थे। वह रुपए मैंने अपने रिश्तेदार को दे दिए और मैं उनको भूल गया। अब मुझे सब कुछ याद चुका है कि वे रुपए मैंने ही निकाले थे।