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मुख्य बाजार में सड़क खुदाई से लोग परेशान

6 वर्ष पहले
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शहरकी जनता को अभी तीन महीने तक मुख्य बाजार में खुदाई से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मुख्य बाजार में अभी करीब एक किलोमीटर की सीवरेज लाइन डलना शेष है।

आरयूआईडीपी द्वारा धीमी गति से कराए जा रहे सीवरेज, भूमिगत बिजली लाइन एवं चंबल लाइन डालने के कार्य के चलते लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। सड़क खुदाई के चलते कुम्हेर गेट चौराहा से बिजली घर चौराहा तक के मात्र तीन किलोमीटर लंबे बाजार को तय करने में एक घंटा लगता है, सड़क सही हो तो इसे महज 10 मिनट में तय किया जा सकता है। राह में जगह-जगह खुदाई किए जाने से लोगों को गलियों में चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। जगह-जगह खुदाई से राहगीर की परेशानी के साथ ही बाजार में व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।

यहां-यहांचल रहा है काम

शहरके बिजली घर चौराहा से लेकर कुम्हेर गेट तक मुख्य बाजार की सड़कों सहित अन्य बाजार की सड़कें खुदी पड़ी हैं। इसके कारण मथुरा गेट, चौबुर्जा, गंगा मंदिर, जामा मस्जिद, लक्ष्मण मंदिर, कोतवाली से कुम्हेर गेट के बीचों-बीच सड़क की गहरी खुदाई कर सीवरेज लाइन डालने का काम पिछले कई दिनों से जारी है। यहां बेरीकेड्स लगाकर आवागमन रोक कर जेसीबी मशीनों से खुदाई कर सीवरेज लाइन डाली जा रही है।

^काम जल्दी हो इसके लिए टीम और बढ़ाई जाएंगी। अभी मुख्य बाजार में करीब एक किलोमीटर सीवरेज लाइन डालना बाकी रह गया है, इस कार्य को पूरा करने में करीब एक माह का समय और लगेगा।

-केकेअग्रवाल, एक्सईएनआरयूआईडीपी

भरतपुर. दही वाली गली में सीवर लाइन डालने के लिए खुदाई करते मजदूर।

काम काफी धीमी गति से चह रहा है। 24 घंटे में मात्र 5-7 घंटे काम होता है और सड़क को बेरीकेड्स लगाकर बंद कर दिया जाता है। इससे आमजन को आवागमन में परेशानी हो रही है। संबंधित लोगों को ध्यान देना चाहिए। -राजेंद्रप्रसाद भारद्वाज, राहगीर



आरयूआईडीपीके अधिकारियों द्वारा संवेदकों द्वारा कराए जा रहे काम की मॉनिटरिंग ठीक ढंग से नहीं की जा रही है। इसलिए ठेकेदार मनमानी से काम कर रहा है। दिन-रात लगातार काम करवा कर जनता को राहत दिलानी चाहिए। -रामसहाय,राहगीर

शहरकी सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण खासकर स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। आवागमन करते समय हर समय दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है तथा घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। -कोमल शर्मा, छात्रा



शायदलगता है प्रशासन को आमजन की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। यही वजह है कि पिछले दो साल से शहर के नारकीय हालात बना रखे हैं। खराब सड़कों के चलते अधिकांश दुकानदारों का धंधा ठप पड़ा है। -हरविलास गुप्ता, दुकानदार