बांसवाड़ा. जिला परिषद सभागार में बुधवार को जिला परिषद बोर्ड की यह आखिरी साधारण सभा भ्रष्टाचार की शिकायतों के नाम रही। विधायकों से लेकर प्रधानों खूब मुद्दे उठाए और कहा कि अफसर काम ही नहीं करते।
सभा में अतिथि राज्यमंत्री जीतमल खांट स्कूटी मिलने में शेष रही छात्राओं की जानकारी चाहते थे, लेकिन उन्हें मिली नहीं। इस पर उन्होंने कहा कि अब
मोबाइल का जमाना है। कॉलेज जाने वाली छात्राएं मुझे पूछती हैं, हमको स्कूटी कब मिलेगी। आपकी बेटी प्रथम आई हाेती तो आप क्या करते। इस पर जवाब देते नहीं बनता। बैठक की पालना रिपोर्ट की कॉपी राज्यमंत्री को नहीं दी। इस पर सीईओ ने गलती भी मानी। सवा चार घंटे चली साधारण सभा की अध्यक्षता जिला प्रमुख रेशम मालवीया ने की। विधायक महेंद्रजीतसिंह मालवीया, भीमाभाई, कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित अतिथियों में शामिल थे। विधायक धनसिंह रावत और नवनीत निनामा का भी नहीं आना चर्चा में रहा। माध्यमिक शिक्षा विभाग और टीएडी से कोई भी अफसर मौजूद नहीं था। सभा में सबसे पहले सोलर लाइट का मुद्दा उठा।
सीईओ रामनाथ चाहिल ने कहा कि बिना इजाजत के सोलर लाइटें खरीदी, अब हिसाब-किताब नहीं दे रहे हैं। वे बीडीओ के खिलाफ वह सरकार को लिखकर देंगे। खांट ने कहा कि तीन माह पहले भी यही स्थिति थी। अब तीन दिन में हिसाब कैसे दोगे। हिसाब नहीं देने वाले बीडीओ को चार्जशीट दो। मालवीया ने पूछा-हिसाब-किताब तो ठीक है, यह तो बताओ कि मौके पर कितनी सोलर लाइट चालू है।
पानी के मुद्दे पर एसई घिरे : पानी की समस्या पर जलदाय विभाग के एसई चावला को बैठक में करीब आधे घंटे तक जवाब देने पड़े। फिर भी कोई संतुष्ट नहीं हुआ। विधायक भीमाभाई और कुशलगढ़, बागीदौरा और सज्जनगढ़ के प्रधानों ने जमकर सवाल-जबाव किए। वे ज्यादातर जवाब नहीं दे पाए। गांगड़तलाई जल योजना को लेकर मामला उलझा रहा।
मालवीया ने कहा कि टेंडर पर टेंडर कर रहे तो जनता को लाभ क्यों नहीं मिल रहा है। 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की 30 योजनाएं सही तरीके से नहीं चल रही। हैंडपंप नहीं लगने को लेकर एडीएम नाहरसिंह से भी सवाल किए गए।
महानरेगा में भ्रष्टाचार को माना
खांट-मालवीयाके साथ ही सभी ने माना कि महानरेगा में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। खांट ने कहा कि एक-एक ग्राम पंचायत में 10-10 जॉब कार्ड, ऐसे लोगों के नाम कि जो इस दुनिया से जा चुके हैं।