50 हजार रुपए गंवाने के गम में दी थी जान
मोहकमपुरा. ग्रामपंचायत अंदोक में ग्रामीण कालू पिता उंकार की जहरीली वस्तु के सेवन के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में शनिवार को नया मोड गया जब परिजनों ने कालू का शव लेने से मना कर दिया।
पाटन पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला की कालू 30 सालों से अंदोक में भूरा के वहां घर जमाई बनकर रहता था। तीन साल पहले उसकी प|ी माना की अज्ञात बीमारी के चलते मौत हो गई थी। जिसके बाद कालू अपने 5 बच्चों के साथ सास के साथ ससुराल में ही रहता था। वहीं मृतक कालू के नाम मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 50 हजार का बीपीएल आवास स्वीकृत हुआ था। वार्डपंच शैतान की मौजूदगी में कालू ने रुपए लिए थे। जहां कालू तथा शैतान ने एक साथ शराब पीने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से पैसे शैतान को दे दिए। दूसरे दिन बाद शैतान मुकर गया और रुपए खो जाने की बात कही। तब से कालू मानसिक पीड़ा से ग्रसित था। जिसको लेकर शुक्रवार को उसने जहर खा लिया। जिसके बाद परिजन उसे कुशलगढ़ ले गया। जहां डॉक्टर ने उसे बांसवाड़ा रैफर करने की सलाह दी। परिजन उसे बांसवाड़ा की बजाय मध्यप्रदेश के बाजना अस्पताल ले गए। जहां कालू की इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को पाटन पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपना चाहा तो परिजनों ने लेने से मनाकर दिया। एसएचओ राजेंद्रसिंह ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद काफी समझाइश के बाद परिजन राजी हुए।
एसएचओ ने बताया कि काफी समझाइश के बाद परिजन शव को ले जाने के लिए राजी हुए है। सूर्यास्त हो जाने से दाह संस्कार नहीं किया गया है। रविवार को दाह संस्कार किया जाएगा।