कुशलगढ़ में तपस्वी का वरघोड़ा निकाला
कुशलगढ़. 30दिन का मासखमण उपवास करने वाले अविरल दोसी का वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़ा तपस्वी की जय-जयकार करता हुआ वर्धमान स्थानक भवन पहुंचा, जहां चातुर्मास के लिए विराजित समर्पिताजी मसा ठाणा ने कहा कि 17 वर्ष की आयु में अविरल ने कठोर तपस्या कर समाज का गौरव बढ़ाया है। प्रवचन में समर्पिताजी मसा ने कहा कि संयम, साधना तप के माध्यम से ही मानव का कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि बचपन में धर्म और समाज के उत्थान के लिए मिले संस्कारों पर चलकर ही मनुष्य का भावी जीवन सफल होता है। तपस्वी का बहुमान समारोह आयोजित किया गया। समाज के अध्यक्ष प्रवीण कावड़िया, महामंत्री रजनीकांत खाबिया, यश खाबिया, रमेश तलेसरा, संजय समधिया, प्रकाश नाहटा ने दोसी की प्रशंसा करते हुए कहा कि कुशलगढ़ क्षेत्र में कम आयु में तपस्या करने का गौरव हासिल किया है। तपस्वी का रीता बहन दोसी ने 25 उपवास की बोली लगाकर बहुमान किया।