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जिला परिषद की रोक के बाद भी की कचरा पात्र की वसूली
बांसवाड़ा. पंचायतसमिति बागीदौरा की ग्राम पंचायतों से कचरा पात्रों को लेकर एक बार फिर से भुगतान करने की बात सामने आई है। जिला परिषद द्वारा भुगतान पर रोक लगाए जाने के बाद पंचायत समिति के एक कैशियर पर इस बात का आरोप लगा है कि वह सरपंचों पर दबाव डालकर कचरा पात्र की राशि जमा कराने को कह रहा है।
इस पूरे मामले में विकास अधिकारी आरके जाट का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं है। इस पूरे प्रकरण को लेकर सरपंच संघ बागीदौरा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर शिकायत की है। मामला सामने आने के बाद जहां पंचायत समिति की ओर से इस पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि शिकायत पत्र में सरपंच संघ ने बताया कि पंचायत समिति में कार्यरत एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा टूटे फूटे कचरा पात्र जबरन रखवाए गए थे। इस संबंध में बीडीओ आरके जाट से संपर्क किया जो उनका स्पष्ट कहना था कि उन्हें इस संबंध में कोई भी पता नहीं है। सवाल यहीं है कि विकास अधिकारी को नहीं पता तो अन्य कर्मचारियों को तो पता ही नहीं होगा।
कुशलगढ़ में हुआ था खुलासा सीईओ ने लगाई थी रोक
कचरा पात्र घोटाले का मामला कुशलगढ़ में खुला था। इसके बाद जिला परिषद सीईओ रामनाथ चाहिल ने भुगतान को लेकर रोक लगा दी थी। चाहिल का कहना था कि कचरा पात्र की वास्तविक दर का ही भुगतान होगा, लेकिन इसके बाद मामला पूरी तरह से एक बार दब चुका था। यह रोक बागीदौरा के लिए भी थी। दूसरी ओर सरपंच संघ की शिकायत पर अभी जिला लेवल से कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है।