सवारियाें के लालच में बच्चे को टेंपो पर लटकाया, गिरने से मौत
बांसवाड़ा/कुशलगढ़| शहरके भंडारिया के पास मंगलवार शाम एक टेंपो चालक ने ज्यादा सवारियां भरने के लालच में 10 वर्षीय बालक को एक साइड पर लटका दिया। बच्चे के परिजन भी साथ में ही थे, लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। कुछ आगे जाकर बालक का संतुलन बिगड़ गया अौर वह नीचे गिर पड़ा। मोर गांव निवासी प्रवीण नामक बालक का सिर टेंपो के पहिए के नीचे गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे को देख टेंपो पर लटकी दूसरी सवारियां भी कूद पड़ी। टेंपो चालक ने थोड़ा टेंपो रोका तो बाकी सवारी भी उतर गई। हादसे से घबराया चालक मौके से टेंपो लेकर भाग निकला। सड़क पर बच्चे की लाश देख कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। बच्चे के परिजन टेंपो चालक की गिरफ्तार की मांग पर अड़ गए। बाद में पूर्व सरपंच थावरचंद कटारा की सूचना पर तहसीलदार मूलचंद मीणा और थानाधिकारी पूनाराम दल के साथ आए और परिजनों से समझाइश की, जिससे आखिरकार परिजन मान गए। यातायात भी सुचारू करवाया। शाम को अंधेरा हो जाने से पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। इधर, पुलिस ने देरशाम चालक को गिरफ्तार कर टेंपो जब्त कर लिया।
अांखोंके सामने मरते देखा बेटा, पर बचा नहीं पाई
एकमां के लिए इससे बड़ा दुख और क्या सकता है कि वह अपने ही बेटे को अपनी आंखों के सामने मरता देखे, लेकिन कुछ कर पाए। बालक प्रवीण की दर्दनाक मौत के बाद उसकी मां की कुछ ऐसी दशा थी। मोर गांव से कुशलगढ़ अपनी मां नर्मदा, पिता मन्ना कटारा और परिजनों के साथ टेंपो में कुशलगढ़ जा रहा प्रवीण कटारा हाथ छूटने से नीचे गिर पड़ा। इससे टेंपो का पहिया उसके सिर पर चढ़ गया और पलभर में उसकी सांसें थम गई। उसकी मां नर्मदा अपने बेटे को मरता देख रही थी, लेकिन उसे कुछ समझ में आता, इससे पहले उसके बेटे की जान निकल चुकी थी। बेटे का लहूलुहान शव सड़क पर पड़ा देख वह बेहोश हो गई। भाई को खोने के गम में तीन भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
यातायात और पुलिसकर्मी लाखों रुपए के चालान का दम भरते रहे हो, लेकिन ओवरलोड पर इनका बस नहीं चलता। शहर के हर रास्ते पर ऐसे नजारे देखे जा सकते हैं, जब मासूमों की जान जोखिम में रहती हो। शहर में ओवरलोड वाहन सरपट दौड़ते दिखाई पड़ते हैं। ट्रैफिक पुलिस की ओर से ऐसे वाहन चालकों में भी अब कार्रवाई का खौफ नहीं रहा है। गांवों से शहर की ओर आने वाले ज्यादातर वाहन ओवरलोड होते हैं। निजी बस से लेकर जीप और टेंपो तक में क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठाई जा रही है। यही वजह है कि आए दिन टेंपो पलटने के हादसे सामने रहे हैं। गौरतलब है कि मंगलवार को दैनिक भास्कर में धड़ल्ले से चल रहे ओवरलोड वाहन, पुलिस नहीं दे रही ध्यान शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए गए थे। उसके बावजूद पुलिस और परिवहन विभाग ने इस अोर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जिसका परिणाम ये रहा कि मंगलवार शाम को ही क्षेत्र में ओवरलोड वाहन में बैठकर सफर करने के दौरान गिरने से मौत हो गई।
कुशलगढ़ में बच्चे की मौत के बाद सड़क पर पड़ा शव और बेहोश पड़ी मां सड़क जाम कर बैठे ग्रामीण। वहीं परिजनों और ग्रामीणों से समझाइश करते पुलिस अधिकारी।