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बेसहारा गायों को लेकर दो गांवों के ग्रामीणों में विवाद
गांवमें बेसहारा गायों बैलों के खेतों में घुसने की बात को लेकर मंगलवार को विवाद हो गया। गांव के लोगों की कसुंबी के ग्रामीणों के साथ करीब दो घंटे बैठक के बाद मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार कसुंबी के ग्रामीणों ने क्षेत्र की बेहसहारा गायों बैलों से चोमासे में खेतों की फसल को बचाने के लिए पिछले दो महीने से अस्थाई व्यवस्था कर रखी थी। देवलाटी की प्याऊ के अड़ाव वाले क्षेत्र में की गई यह व्यवस्था वहां रखे गए ग्वालों की लापरवाही के कारण पिछले दो तीन दिनों से पूरी तरह गड़बड़ा गई।
अस्थायी क्षेत्र में तारबंदी करके छोड़ी गई कई गाय बछड़े आस-पास के खेतो में पंहुचकर फसल को नुकसान पंहुचाने के कारण जसवंतगढ़ के कई खेत मालिक ग्रामीण वहां पहुंच गए। मौके पर पहुंचे लोगों ने उचित देखभाल नहीं होने के कारण गाय बैलों की दुदर्शा देखकर एसडीएम को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद लाडनूं एसडीएम मुरारीलाल शर्मा मौके पर पशु चिकित्सक धर्मसिंह को लेकर पहुंचे और दर्जनों गायों बैलो का इलाज करवाया। उन्होंने मामले को समझाइश से निपटाने की बात कही। इसके बाद कसुंबी जसवंतगढ़ के लोगों ने करीब दो घंटे बैठक की।
बैठक में कसुंबी के लोगों ने इसकी उचित व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। मौके पर पांचूराम खीचड़, नेमीचंद, रामेश्वर डारा, मांगीलाल राठी, शोभराज प्रजापत, मांगीलाल जाट, ओमप्रकाश सोनी, बनवारी बागड़ा, कैलाश प्रजापत, पटवारी राजेंद्रसिंह, रामावतार, मांगीलाल, महावीर, पवन भंडारी, वासुदेव लोहिया, विनोद उपाध्याय, योगेश जोशी, राजेंद्र राहड़ आदि उपस्थित थे।