सुख-दुख में भगवान को रखें याद : राजाराम
गुरुकृपाआश्रम जोधुपर के संत राजाराम महाराज ने कहा कि जो बेईमान होता है उसकी मदद भगवान भी नहीं करते हैं। जीवन में सुख-दुख का समय चलता रहता है, मगर किसी भी समय भगवान को नहीं भूलना चाहिए। कथा के माध्यम से उन्होंने नम्रता, विश्वास, आत्मबल, समय के सदुपयोग, नेकी ईमानदारी का सहारा लेने में परिस्थितियों को बदलने की ताकत होने के बारे में समझाया। वे ग्राम रताऊ के कृष्णा सीनियर सैकंडरी स्कूल में आयोजित विदाई पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। समारोह में बाल संत बांके बिहारी महाराज ने कहा कि माता-पिता गुरुजनों के प्रति सदैव नम्रता का भाव रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि अपनी किसी भी गलती को छुपाना नहीं चाहिए, क्योंकि हर गलती का फल अवश्य ही भुगतना पड़ता है। इस अवसर पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम रहे लोकेश शाख, द्वितीय रही सुमित्रा बिडियासर को पुरस्कृत किया गया। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम रही सरिता मिर्धा सोमदेव रेवाड़, भाषण में प्रथम रहे गोपाल सोनी, द्वितीय कोमल कासणियां को भी पुरस्कार दिया गया। इनके अलावा प्रत्येक कक्षा में एक आदर्श विद्यार्थी का चयन करके उन्हें भी सम्मानित किया गया। कॅरिअर मंत्र संस्थान की ओर से मोटिवेटर शंकर आकाश ने भी विचार रखे। इस अवसर पर 12वीं के विद्यार्थियों को विदाई दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत आदि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। निदेशक जगदीश कासनियां ने भी विचार रखे।
लाडनूं . कृष्णास्कूल में संबोधित करते हुए संत राजाराम महाराज उपस्थित विद्यार्थी।