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जैन विश्वभारती ने बनाई पंचवर्षीय शोध योजना
लाडनूं. जैनविश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के अंतर्गत जैन धर्म और दर्शन के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान और अभिनव सामाजिक पाठ्यक्रमों के निर्माण के लिए स्थापित भगवान महावीर अंतरराष्ट्रीय शोध केंद्र की एक विशेष बैठक कुलपति समणी चारित्र प्रज्ञा की अध्यक्षता में अहमदाबाद में प्रेक्षा विश्वभारती कोबा में आयोजित की गई। बैठक में शोध एवं अध्ययन के क्षेत्र में गुणवत्ता विकास पर चर्चा की गई। साथ ही पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत नए शोध कार्य की योजना भी बनाई गई। नए शोध में जैन दर्शन में वैज्ञानिक एवं गणितीय सिद्घांतों के विकास, पर्यावरणीय एवं सामाजिक क्षेत्र में जैन सिद्घांतों की व्यापक उपयोगिता आदि विषयों पर लघु एवं वृहद शोध परियोजनाओं का संचालन एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन, अनुसंधान और शैक्षणिक गतिविधियों के पुनर्निरीक्षण एवं मूल्यांकन तथा अंतरराष्ट्रीय विद्वानों एवं शोध-संस्थानों के साथ संयुक्त शोध-परियोजनाओं पर कार्य करने की चर्चा हुई। बैठक में जैन समाज के विशिष्ट वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ प्रो. महावीरराज गेलड़ा, प्रो. सागरमल जैन, प्रो. नरेन्द्र भंडारी, प्रो महेन्द्र भंडारी, प्रो. राजमल जैन, प्रो.सुरेन्द्र पोखरना, प्रो. शेखरचंद्र जैन, प्रो. प्रेमसुमन जैन, एवं समणी आगमप्रज्ञा ने भाग लिया। संचालन प्रो. नारायणलाल कच्छारा एवं प्रो. समणी चैतन्यप्रज्ञा ने किया।