पत्नी पति की एक साथ हुई अंत्येष्टि
लाडनूं| कहतेहैं कि अग्नि की साक्षी में लिए गए सात फेरे सात जन्मों के बंधन होते हैं। यह कहावत यहां घटित इस घटना से सत्य साबित होती है, जिसमें प|ी की मृत्यु के मात्र एक घंटे बाद ही पति ने भी अपनी आखिरी सांस ले ली। तहसील के गांव सारडी में रामनारायण मंडा (79) की प|ी हीरा देवी मंडा की मृत्यु मंगलवार को सुबह 10 बजे हो गई और उसकी मृत्यु के एक घंटे बाद 11 बजे रामनारायण मंडा का भी निधन हो गया। इस लोक से परलोक की यात्रा में सहयात्री बने इस दंपती के इकलौती संतान के रूप में एक पुत्र लिछमण राम है, जो पेशे से अध्यापक है। दिवंगत रामनारायण मंडा स्वयं राजफेड में जोइंट डायरेक्टर के पद से सेवानिवृत हुए थे। स्व. मंडा दंपती की अंत्येष्टि मंगलवार को ही उनके गांव में ही की गई। श्मशान भूमि में दोनों पति-प|ी की चिता एकसाथ ही रखकर बनाई गई एवं एक-साथ ही दोनों का दाह-संस्कार किया गया।