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एसडीएम ने हेलमेट से छुपाई पहचान, खरीदी सब्जियां, मगर कही भी नहीं मिली पॉलीथिन

5 वर्ष पहले
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लाडनूंमें उपखण्ड प्रशासन ने शहर को पॉलीथिन मुक्त घोषित कर दिया है। शहर वाकई में पॉलीथिन मुक्त है या नहीं इसकी जांच के लिए बुधवार शाम साढ़े 7 बजे करीब एसडीएम खुद बोगस ग्राहक बनकर खरीदारी करने बाजार में पहुंचे। पहचान नहीं हो इसलिए एसडीएम मुरारीलाल शर्मा ने सिर पर हेलमेट पहन रखा था। वह बाइक लेकर राहूगेट क्षेत्र में अशोक स्तंभ प्याऊ के आसपास खड़े सब्जी विक्रेताओं के पास पहुंचे। कही से गोभी, कही से आलू लिए तो कही से हरी मिर्च और अमरूद खरीदें मगर कही भी पॉलीथिन का उपयोग करता कोई दुकानदार नजर नहीं आया। जिस पर एसडीएम ने संतोष जताया। चाय की होटलों पर भी पॉलीथिन के कप नजर नहीं आए। एसडीएम ने बताया कि शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाए रखने में सभी का फायदा है। पर्यावरण शुद्धि के साथ-साथ शहर भी स्वच्छ रहेगा।

लाडनूं . पॉलिथीनमुक्त अभियान के तहत एसडीएम मुरारीलाल शर्मा व्यवसायियों के यहां अपनी पहचान छुपा कर सब्जी वगैरह की खरीदारी करते हुए

इस महीने सकती है प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड की टीम

सूत्रोंके अनुसार सूचित किए जाने के बाद इस महीने में कभी भी प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड की टीम जांच के लिए पहुंच सकती है। टीम कब आएगी इसकी पहले किसी को जानकारी नहीं होगी। टीम आकस्मिक दुकानों, थैलों आदि पर पॉलीथिन की जांच करने पहुंचेगी और यह भी जरूरी नहीं टीम के चार-पांच सदस्य एक-साथ पहुंचे। बोगस ग्राहक के रूप में भी टीम जांच करने पहुंच सकती है।

अबपॉलीथिन का उपयोग हुआ तो दर्ज होगा मुकदमा

एसडीएममुरारीलाल शर्मा ने बताया कि पॉलीथिन का प्रयोग बंद करने के लिए दुकानदारों उपभोक्ताओं दोनों को जागरूक होना होगा। पॉलीथिन के प्रयोग से होने वाले नुकसान को जानना होगा। अगर इन सब के बावजूद भी अब कोई पॉलीथिन का प्रयोग करने पाया गया तो उसके खिलाफ प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पॉलीथिन जब्त हाेने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिसमें 5 वर्ष की सजा 1 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान भी है।

बस एक ग्राहक के पास मिली पॉलीथिन

अनजानग्राहक के रूप में एसडीएम ने एक थैले से फूल गोबी खरीदी। दुकानदार ने एसडीएम को पॉलीथिन के कैरीबैग में फूलगोभी डालकर दे दी। जिस पर एसडीएम ने तुरंत पालिका दस्ते को जांच के लिए मौके पर बुलवाया। मगर उस दुकानदार के पास इक्का-दुक्का पॉलीथिन की थैलियां ही मिली। उसे आगे से कभी भी पॉलीथिन का प्रयोग नहीं करने के लिए पाबंद किया गया। इस दौरान पालिका टीम ने अन्य जगह जांच की तो कही भी पॉलीथिन का उपयोग होने की पुष्टि नहीं हुई।

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