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पेज एक का शेष...

6 वर्ष पहले
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ट्रकजैसे ही डिडवाना औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री जी-1-27 में घुसा। फैक्ट्री को एटीएस और लालसोट पुलिस ने घेर लिया। अन्य आरोपियों में दौसा निवासी जितेंद्र शर्मा, सुरेंद्र सिंह खारीवाड़ा, ट्रक चालक जगदीश परिचालक बलराम हैं। टीम ने एक स्कॉर्पियो, एक स्विफ्ट और एक ट्रक को जब्त किया है।

मंत्रीकी मौजूदगी...

भूमिरूपांतरण के लिए 8 माह से उनकी फाइल कलेक्ट्रेट में पड़ी है। कई बार एडीएम कलेक्टर को भी बता दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। विधायक ने कहा कि कालाबाजारी करने पर महवा के राशन डीलर को सस्पेंड किया गया था। डीएसओ ने डीलर को 15 जनों के राशन कार्ड एकत्र कर कार्यालय में बुलाया और उसे बहाल कर दिया। हुड़ला ने कहा कि विधायक कोटे के कार्यों से संबंधित फाइल डील करने वाला जिला परिषद का बाबू यहां का चीफ सैक्रेटरी बना हुआ है। विकास की अनुशंसा के बाद भी कई दिनों तक कार्य की स्वीकृति को अटकाए रखता है। सीईओ से शिकायत करने पर वे भी नजरअंदाज करते हैं। जिले में कोई भी अधिकारी सुनवाई नहीं करता है। विधायक ने कहा कि लालसोट के एसडीएम को जिले में ही एडीएम का पद सौंप रखा है। ऐसा पहली बार देखा है।

ललितमोदी के...

ललितमोदी (जरिए महमूद आब्दी) सहित अन्य की याचिकाओं पर अदालत ने कहा कि इस अवधि के दौरान 17 अक्टूबर 2014 का अंतरिम आदेश बहाल रहेगा। इस अंतरिम आदेश से अदालत ने राज्य खेल परिषद के अध्यक्ष को आरसीए के कामकाज का प्रबंध देखने का निर्देश दिया था।

ललित मोदी की ओर से याचिका में कहा कि अामीन ने आरसीए के दफ्तर पर कब्जा कर उन्हें बिना नोटिस दिए ही अविश्वास प्रस्ताव लाकर स्वयं को कार्यवाहक अध्यक्ष मनोनीत किया है, जबकि आरसीए के चुनाव सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर हुए थे। अब चुने हुए सदस्यों को काम करने से रोका जा रहा है और संविधान में इसका प्रावधान नहीं है। इसलिए चुने प्रतिनिधियों को काम करने दिया जाए। वहीं आमीन पठान की दलील थी कि बहुमत उनके साथ है और संविधान में आर्बीट्रेशन के जरिए ही विवाद का निपटारा करने का प्रावधान है। ऐसे में कोर्ट चाहे तो संघ के चुनाव दुबारा करा सकती है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर नए सिरे से अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कहा।

यहथा मामला : 11अक्टूबर, 2014 को आमीन पठान के नेतृत्व में कुछ जिला संघों ने मोदी, तिवारी, गोयल आब्दी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने का दावा किया था। इनके स्थान पर आमीन को कार्यवाहक अध्यक्ष, शक्तिसिंह को कार्यवाहक सचिव, मोहम्मद इकबाल को कार्यवाहक कोषाध्यक्ष विमल शर्मा को कार्यवाहक डिप्टी प्रेसिडेंट नियुक्त कर दिया था। मोदी इसके खिलाफ कोर्ट में गए थे।

यहहै अविश्वास प्रस्ताव की गणित: आमीनपठान ग्रुप के जिला संघों द्वारा अविश्वास को नोटिस देने पर खेल परिषद अध्यक्ष संघ की एजीएम बुलाएंगे। यह मीटिंग 12 मार्च तक बुलानी है। अविश्वास प्रस्ताव पास करने के लिए तीन चौथाई वोट चाहिए। यानि आरसीए के कुल 33 में से 25 वोट। ऐसे में मोदी ग्रुप को अपने बचाव के लिए सिर्फ नौ वोट की जरूरत होगी। उनके पास फिलहाल 10-11 वोट हैं।



समस्यायह भी

अविश्वास प्रस्ताव के समय वोटों की वैधानिकता को लेकर भी विवाद की स्थिति हो सकती है, क्योंकि आरसीए के चुनाव के बाद कुछ जिला संघों में चुनाव हो गए। इसी तरह सवाईमाधोपुर जिला संघ में पिछले चुनाव में जिसने वोट दिया था, उस ग्रुप को खेल परिषद नहीं मानती, खेल परिषद ने दूसरे ग्रुप को मान्यता दे रखी है। ऐसे में अब खुद परिषद अध्यक्ष की देखरेख में प्रक्रिया अपनाई जाएगी, तो देखना होगा कि वे किसे वोट का अधिकार देते हैं।

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कोट

कोर्ट के निर्णय से हम राहत मिली है और यह साफ हो गया है कि आमीन पठान ग्रुप द्वारा अंसवैधानिक तरीके से कार्रवाई की गई थी। हम अविश्वास से दूर नहीं भागते, लेकिन कानूनी तरीके से निश्चित प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी। हमारे पास पूरा बहुमत है।

--- महमूद आब्दी, प्रवक्ता ललित मोदी

कोर्ट के फैसले का हम सम्मान करते हैं। बहुमत हमारे पास है, इसलिए कोर्ट ने मोदी ग्रुप को सत्ता नहीं सौंपी है। हम फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। क्रिकेट में बाहरी लोगों का कोई काम नहीं है।

आमीन पठान