पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सड़क निर्माण में कछुआ चाल

सड़क निर्माण में कछुआ चाल

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लालसोट। लालसोट से करौली हाइवे 11 बी सड़क परियोजना के तहत ज्योति बा फुले सर्किल से लेकर मंडी तराहे तक बन रही सड़क के निर्माण कार्य की कछुआ चाल के कारण आम राहगीर परेशान है।
वहीं सड़क किनारे बसे लोगों के फेंफड़े उड़ने वाले धूल के गुबारों के कारण छलनी हो रहे है। काम की गति धीमी होने के कारण सड़क पर वाहनों के साथ धूल के गुबार उड़ रहे है। वहीं शहर का सबसे व्यस्ततम सड़क मार्ग होने के कारण आवागमन करने वाले हजारों की तादाद में लोगों को धूल फांकनी पड़ रही है

इधर दूसरी 208 करोड़ रुपए की लगात की लालसोट से करोली सड़क परियोजना के तहत बन रहे नालों में हो रहे क्रेक निर्माण अनियमितता की पोल खोल रहे है। कमी को छिपाने के लिए क्रेक हुई जगह पर प्लास्टर किया जा रहा है।

रामचरण पटया ने बताया कि एसडीएम कोर्ट को जाने वाले रास्ते पर बन रहे नालें क्रेक हो रहे है कमी को छिपाने के लिए प्लास्टर किया जा रहा है। वहीं कस्बें की सड़क में क्रेशर ब्राेकन रोड़ी की जगह हैंड ब्रोकन रोड़ी को काम लिया जा रहा है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को मामले की जानकारी दे कर कार्रवाई की मांग की है।

सांस लेना भी मुश्किल

व्यापारी नेता गिर्राज खांडल, हरिमोहन जागा, दिनेश जांगिड़, संतोष पांचाल, शंभूलाल जंगम, सुरेश आंकड़ विनोद जांगिड़ ने बताया कि सड़क का काम धीमी गति से होने के कारण धूल के गुबारे उड़ते रहते है अर्थ वर्क काम करने के बाद आगे का काम पिछले कई दिनों से बंद पड़ा है। वाहनों के साथ उड़ रही धूल के गुबार के कारण लोगों का श्वांस लेना भी भारी बना हुआ है।
धूल के कणों को फेंफड़ों में घुसने के कारण फेफडे छलनी हो रहे हैं। रोजाना करीब पांच ग्राम से अधिक धूल लोगों को शरीर में जा रही है। सड़क किनारे के मकानों दुकानदारों को धूल जनित मिटटी प्रदूषण के बीच श्वांस लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अनेक लोग दमा रोग से पीड़ित हो रहे है। जैन नसियां के सामने के बाजार में हालात ज्यादा खराब है। लोग धूल से बचने के लिए मुंह पर कैप लगाने को मजबूर है। पिछले चार पांच दिनों से पानी का छिड़काव नहीं होने से लोगों में रोष है श्वांस लेना भी भारी बना हुआ है दुकानदारों ने कार्रवाई नहीं होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

रोग फैलने की संभावना

डाॅक्टर एच एन मीना ने कहा कि धूल के कणों से अस्थमा, एलर्जी चर्म रोग फैलते है। लगातार धूल जनित वातावरण में रहने से फेफडों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

पानी छिड़काव के निर्देश : पिछले कुछ दिनों से ज्योति बा फुले सर्किल से लेकर मंडी तिराहे तक की सड़क निर्माण का काम शिथिल गति पर चल रहा था। प्रोजेक्ट मैनेजर को दो दिन में कार्य को प्रारंभ कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। धूल के गुबारे उड़ने की शिकायते मिल रही है पानी छिड़काव को लेकर निर्देश दे दिए गए है।
नालों के क्रेक होने की शिकायत की जांच की जाएगी सहीं मिलने पर उन्हे तुड़वा कर दुबारा बनवाया जाएगा। सड़क निर्माण में क्रेशर ब्रोकन रोड़ी का ही स्तेमाल हो रहा है। कहीं पर भी हैंड ब्रोकन रोड़ी का स्तेमाल नहीं हो रहा है।

इस तरह होगा काम

एक्सईएनहाइवे 11 बी एस.सी. पारीक ने बताया कि इस वक्त जीएसबी का काम चल रहा है। 25 सेमी ग्रेवल का काम होगा, जिसमें अभी 12 सेमी हुआ है, जो रोड़ी पड़ी हुई है वो ग्रेवल में ही काउंट की जाएगी। बाकी ग्रेवल डालने का काम और होगा।
उसके बाद 200 एमएम डब्लूएमएम की लेयर डाली जाएगी। 20 सेमी गिटटी का काम होगा तथा 85 एमएम डामर की लेयर डाली जाएगी तथा उसके उपर 40 एमएम अंतिम लेयर डामर की डाली जाएगी। अभी बहुत काम बाकी है। काम में किसी तरह की अनियमितता नहीं होगी। पूरी निगरानी रखी जा रही है।