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मादक पदार्थों की तस्करी में कांस्टेबल गिरफ्तार

6 वर्ष पहले
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इधर...नशा बेचने का आरोपी पुिलस कर्मी निलंबित, एसपी ने कहा, शर्म की बात

डूंगरपुर। नारकोटिक्सकंट्रोल ब्यूरो ने गांजे की तस्करी कराने के मामले में डूंगरपुर के पुलिस कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। वह पिछले करीब 5 सालों से गांजे के तस्करों को मदद कर रहा था। नारकोटिक्स की टीम ने उससे पूछताछ की है, जिसमें और भी कई खुलासे होने की संभावना है। उसे न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अजमेर के अधीक्षक हरीश कुमार ने बताया कि ढाई महीने पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से पकड़ी गई 915.720 किलो गांजे की खेप तस्करी की छानबीन में पुलिस कांस्टेबल मुकुंद पुरोहित पुत्र गजानंद के भी शामिल होने के साक्ष्य मिले। इस आधार पर डूंगरपुर पुलिस लाइन में कार्यरत कांस्टेबल पादरड़ी बड़ी-सागवाड़ा निवासी मुकुंद पुरोहित को गिरफ्तार कर लिया है। मुकुंद पिछले महीनों में बिछीवाड़ा थाने पर कार्यरत था। उसकी जेएलएन अस्पताल में मेडिकल जांच करवाई गई। इसके बाद डूंगरपुर के स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। एसपी हरीश कुमार ने बताया कि मुख्य सरगना दिनेश वैष्णव और कांस्टेबल मुकुंद के बयानों के आधार पर जांच की जा रही है। इससे और भी खुलासे की संभावना है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधीक्षक हरीश कुमार ने बताया कि गांजे का मुख्य खरीदार हिरण मगरी-उदयपुर निवासी दिनेश वैष्णव पुत्र जगदीशचंद्र वैष्णव को 12 जनवरी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने कांस्टेबल मुकुंद पुरोहित की मदद से गांजे की तस्करी करने की बात कबूल की थी। उसने यह भी बताया था कि मुकुंद पिछले 4 से 5 साल से तस्करी में मदद कर रहा है और उसके बदले उसे रिश्वत के तौर पर कुछ हिस्सा दिया जाता है।

लालसोट/ जयपुर। दौसाजिले के लालसोट स्थित डीडवाना औद्योगिक क्षेत्र में एक औद्योगिक ईकाई परिसर में एटीएस पुलिस टीम द्वारा मंगलवार रात को पकड़े गए मादक पदार्थों के अवैध जखीरा कांड प्रकरण में गिरफ्तार पांचों आरोपितों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अधीक्षक अंशुमन भौमियां ने भी गुरूवार को लालसोट पुलिस थाने पहुंच कर जांच प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने खुद आरोपियों से कड़ी पूछताछ की। साथ ही, एटीएस पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक में बारीकी से पड़ताल कर गिरोह का पर्दाफाश करने की बात कही। एसपी ने मादक पदार्थों की तस्करी गिरोह में लालसोट डीएसपी के ड्राइवर आनंद शर्मा की भूमिका मिलने पर उसे भी निलंबित कर दिया।

एसपी भौमियां ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मामले में पुलिस कर्मी की संलिप्तता पुलिस विभाग के लिए शर्म की बात है। जांच में कोई शिथिलता नहीं होने दी जाएगी पुलिस कर्मी आपराधिक गतिविधियों में कैसे शामिल हुआ इसकी तफ्तीश की जा रही है। अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ साथ पुलिस कर्मी को सख्त सजा मिले ऐसी मिसाल कायम की जाएगी ताकि कोई दूसरा पुलिस कर्मी ऐसे मामलों में पाया नहीं जा सके। उन्होंने कहा कि दौसा जिला मादक पदार्थों के खपत के मामले में आगे नहीं है मगर जिला अन्य प्रदेशों को जोड़ने में ट्रांजिट रूट जरूर है। इन सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी।