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वर्ल्ड बैंक की टीम ने ली स्वच्छता की जानकारी

7 वर्ष पहले
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कस्बेके आईटी केंद्र पर वर्ल्ड बैंक की टीम ने ग्रामीणों की बैठक लेकर शौचालयों की जानकारी ली। टीम की रंजीता मोहंती हेमानी शर्मा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्रेरक, आशा सहयोगिनी, वार्ड पंचों सहित ग्रामीणों से शौचालयों के बारे में जानकारी ली।

ग्रामीणों ने बताया कि सरकार शौचालयों के लिए तो पैसे खर्च कर रही है, लेकिन सड़कों नालियों की सफाई के लिए कुछ नहीं कर रही है। सरपंच विमला देवी मीणा ने कहा कि पंचायत स्तर पर बजट नहीं होने से पूरे गांव की सफाई नहीं हो पाती है। बजट के अनुसार कार्य कराएं। मोहंती ने ग्रामीणों से शौचालय बनाने के साथ-साथ पानी के बारे में जानकारी ली। गांव में जलदाय विभाग की टंकी से पानी सप्लाई कम पड़ती है। सचिव गिरिराज यादव ने बताया कि अब तक 450 शौचालय बनाए हैं। उन्होंने कचरा नदी में डालने की बात कही। शौचालय में पानी हैंडपंपों से लाना पड़ता है। गांव में पानी की टंकी से पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाती। प्रेरक जयराम सैनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चमेली गुप्ता, मधु, सावित्री, मंजू शर्मा, कृष्णा शर्मा, उप सरपंच रमेश गुप्ता, बाबूलाल मीणा, कैलाश मीणा मौजूद थे।

सैंथल. ग्रामीणोंके साथ वर्ल्ड बैंक की टीम।

टीम ने किया गांवों का दौरा, फीड बैक लिया

लालसोट|राधाखान की अगुवाई में मंगलवार को आई वर्ल्ड बैंक की चार सदस्यीय टीम ने उपखंड के रामगढ़ पचवारा, डिडवाना, बीछा गांव का दौरान कर निर्मल भारत ग्रामीण स्वच्छता अभियान के तहत बन रहे शौचालयों के निर्माण के बारे में ग्रामीणों से रूबरू हो कर फीड बैंक लिया तथा योजना की सफल क्रियान्विति के बारे में रही अड़चनों के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर रामगढ़ पचवारा में मुकेश महावर ने कहा कि 9 हजार में शौचालय का निर्माण होना असंभव है। उनको निर्माण में करीब 25 हजार की लागत आई है, जबकि सरकार से 9 हजार रुपए मिले है। ग्रामीणों ने राशि को बढ़ा कर 25 हजार किए जाने की मांग की है। इस अवसर पर उन्होंने घर घर जा कर मौहल्लों में चल रहे शौचालयों के निर्माण का जायजा लिया मोहल्लों में फैल रही गंदगी स्वच्छता अभियान के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर वर्ल्ड बैंक की टीम को घरों में मंड रहे राजस्थानी मांडणा बहुत पसंद आए। वर्ल्ड बैंक की टीम ने तीन भागों में बट कर शौचालयों के निर्माण का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से फीड बैंक लिया।