लालसोट। कीटनाशक एवं फर्टी लाइजर अनुज्ञापत्र नियम में संशोधन का विज्ञान कृषि स्नातक की डिग्री अनिवार्य करने के विरोध में मंगलवार को खादी बीज विक्रेताओं ने हड़ताल रखी। हड़ताल से किसानों को खाद-बीज एवं कीटनाशक आदि नहीं मिले। बाजार में खाद बीज की सभी दुकानें बंद रहीं। खाद-बीज विक्रेताओं ने दुकानें बंदकर विरोध प्रदर्शन किया।
बाद में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अनुज्ञा पत्र के लिए कृषि स्नातक की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की। जिला खाद बीज विक्रेता संघ के अध्यक्ष हजारी लाल गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा 5 नवंबर 2015 से पूर्व के लाइसेंसधारियों को इस नियम से मुक्त रखा जाए। इस नियम से व्यापारी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि यह नियम लागू करने से किसानों को खाद-बीज कीटनाशक एवं दवा बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाएगी।
महामंत्री दामोदर प्रसाद रावत ने बताया कि किसानों एवं व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कठोर नियम को हटाने की मांग को लेकर दुकानें बंद रखी गई है। उन्होंने कहा कि मांग को पूरी नहीं होने पर जिले के खाद बीज व्यापारियों द्वारा अनिश्चतकालीन बंद रखा जाएगा। ज्ञापन देने वालों में मनोहर लाल गुप्ता, रामावतार गुप्ता, कृष्णावतार सामरिया, सुरेश जैन, राजेंद्र, कैलाश अग्रवाल, मोहन जौपाड़ा, जिला प्रवक्ता श्याम भेड़ोली थे।
लालसोट| उपखंड मुख्यालय सहित समूचे क्षेत्र में खाद-बीज व्यापार संघ ने सरकार द्वारा कीट नाशक फर्टीलाईजर अनुज्ञपाननियम में संशोधन कर विज्ञान स्नातक को अनिवार्य किए जाने के विरोध दुकाने बंद रख विरोध प्रदर्शन किया। बाबूलाल बड़ाया, राजेंद्र तिवाड़ी, राजेश गुप्ता, सहित अनेक लोगों ने कहा कि नियमों में परिवर्तनों से किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। व्यापारियों ने सरकार से नियमों किए गए परिवर्तनों को रोके जाने की मांग की है।
पेयजल समस्या से त्रस्त, ग्रामीणों की नारेबाजी
पापड़दा। कस्बे में पानी की किल्लत को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। वार्ड पंच लोहड़ीराम मीणा ने बताया कि कुम्हार मोहल्ले में एक मात्र हैंडपंप 20 दिन से खराब है। जगन कुम्हार, बोदूराम, बबलू ने बताया कि हैंडपंप में पाइप लीकेज, वाशर फुटवॉल आदि खराब हैं।
इसमें पानी की कमी को देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने चंदा उगाकर बोरिंग मशीन से हैंडपंप के बोर की सफाई भी करा दी, लेकिन अब भी एक मटकी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
आस-पास के मोहल्लों में अन्य चार हैंडपंप भी महीनों से खराब हैं, जिनके लिए ग्राम पंचायत सचिव को कई बार अवगत करा दिया। पंचायत समिति सदस्य बीना देवी मीणा ने बताया कि कस्बे के सभी मोहल्लों में 12 हैंडपंप खराब हैं। जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित में अवगत करा दिया, लेकिन सुनवाई नहीं करते।
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