श्रीराम महायज्ञ की तैयारियां पूर्ण, भव्य कलश यात्रा आज
दुल्हन की तरह चमका यज्ञ स्थल
यज्ञशाला का सौंदर्यीकरण, बाबा की समाधि स्थल का सौंदर्यीकरण के कारण स्थान की अभा चमक उठी है। स्थान भगवान राम के आगमन को लेकर अयोध्या नगरी की तरह चमक उठा।भागवत कथा के लिए बनाया गया डूंम भी लोगों में आकर्षण बना हुआ है।
मौतका कुआ आकर्षण का केंद्र
लोगोंको आकर्षित करने के लिए मेला स्थल पर लगाया गया मौत का कुआ आकर्षण केंद्र बनेगा। वहीं विशाल झूले, ट्रेन, सर्कस, सहित कृषि प्रदर्शनी, डाक्टर शिविर, चिकित्सा शिविर अन्य आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे। आधा किलोमीटर दूरी तक कर लोग यज्ञ स्थल तक पहुंचे सकेंगे।
संतों का आगमन शुरू, ग्रामीणों ने बिछाएं पलक पांवड़े: यज्ञ स्थल पर देश के दूर दराज क्षेत्रों से संतों का आगमन शुरू हो गया है। संतों की बनाई कुटियांओं पर संतों का आशीर्वाद लेने के लिए लोगों का तांता लगना शुरू कर दिया है। इधर ग्रामीणों ने संतों की अगवानी के लिए पलक पांवड़े बिछा दिए है।
चमत्कारों की तपोभूमि है बालाजी घाम: काली डूंगरी बालाजी धाम अपने चमत्कारों के कारण विख्यात है। अपनी साधना तपस्वी शक्तियों के कारण विख्यात संत अवधेश महाराज द्वारा दक्षिण भारतीय शैली में द्रविड़ स्थापत्य कलां का मंदिर बनाने का लक्ष्य लिया। 14 वर्ष पूर्व लिया गया सपना 19 फरवरी को श्रीराम परिवार की मूर्तियों की स्थापना के साथ साकार होगा। मंदिर में मंदिर में मुंबई से आए कलाकार बबलू जांगिड़ ने स्वर्ण कलर में की कई पेंटिंग लोगो को आकर्षित कर रही है। मंदिर अपने आप में ही भव्य रूप लिए जाने से श्रृद्धालुओं में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में जगह जगह दक्षिण भारतीय पद्धति पर निर्मित होने वाले मंदिरों की तरह ही देवी देवताओं की मूर्तियों को मंदिर की दीवारों में तैयार किया गया है। तथा जालियां रखी गई है जिसमें करोली के उत्कृष्ट पत्थरों की जालियों से मंदिर का रूप निखर रहा है
प्राण प्रतिष्ठा होगी
सेवानिवृतआईएएस ब्रजमोहन मीना, अनिल बैनाड़ा, आशुतोष शर्मा, पुरषोत्तम जोशी वायस चेयरमैन, कैलाश शर्मा, चिरंजीलाल त्रिवेदी,सहित यज्ञ समिति के पदाधिकारी ग्रामीण आयोजन को भव्य रूप देने में लगे हुए है। 12 फरवरी को यज्ञ का शुभारंभ 19 फरवरी को श्रीराम परिवार की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा वेदमंत्रों के साथ होगी। 20 फरवरी को यज्ञ की पूर्णाहुति होगी विशाल भंडारा कार्यक्रम होगा।