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धोद के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका
धोद. भूमिअधिग्रहण बिल पेंशन सत्यापन के नाम पर पेंशनधारकों को परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को धोद के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का पुतला फूंका। दोपहर साढ़े 12 बजे धोद बस स्टैण्ड से राजीव गांधी सेवा केन्द्र तक मुख्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली गई। सेवा केन्द्र के सामने पहुंचकर वसुंधरा का पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप था कि वसुंधरा सरकार भूमि बिल लाकर किसानों को भूमिहीन करना चाहती है। पेंशन सत्यापन के नाम पर पेंशन से बेदखल करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। इस मामले में धोद में शुरू हुए भामाशाह शिविर में भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पंचायत समिति सदस्य किशन पारीक, सरपंच संगीता खोखर, छत्रपाल, किशन शर्मा, विजय शर्मा उप सरपंच सुभराती मौजूद थे।
बावड़ी.नरेगाश्रमिकों का एक सप्ताह का भुगतान 20 से 150 रुपए तक आने से नाराज नरेगा श्रमिकों, किसान सभा ग्रामीणों ने राजीव गांधी सेवा केंद्र के बाहर गुरुवार को करीब तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन नारेबाजी की तथा मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। अखिल भरतीय किसान सभा सचिव बावड़ी मालीराम सौगण ने विकास अधिकारी किशोर कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि नरेगा जेईएन को भेजकर पुन: कार्य की जांच कराएंगे। आश्वासन के बाद नरेगा श्रमिक मान गए। लक्ष्मणगढ़. किसान सभा के तहसील अध्यक्ष कामरेड भोजराज सिंह सचिव मोहन फौजी ने बताया कि मजदूर विरोधी नीति एवं भूमि अधिग्रहण कानून के विरोध में तहसील के विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। पलसाना. माकपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के पुतले को ले जाकर ग्राम पंचायत के सामने जलाया गया।