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गायनिक वार्ड में टूटे हुए पलंग पर लिटाया जा रहा है

7 वर्ष पहले
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बेटा होने पर नहीं दी बख्शीश, प्रसूता को एक घंटे लेबर रूम में रोका, बेहोश हुई

एसके अस्पताल फिर विवादों में है। इस बार स्टाफ पर डिलीवरी के बाद प्रसूता और परिजनों से 700 रुपए वसूलने का आरोप है। परिजनों का आराेप है कि एक घंटे तक प्रसूता नवजात को लेबर रूम से बाहर नहीं निकाला। इस वजह से प्रसूता एकबारगी चक्कर खाकर गिर पड़ी। आखिरकार बधाई के तौर पर 700 मिलने पर बाहर निकाला।

इसकेे बाद भी स्टाफ ने प्रसूता को नहीं संभाला तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ को सख्त हिदायत दी। इस दौरान परिजन खुद को धोद विधायक गोरधन वर्मा के परिचित बताते रहेे। हालांकि विधायक का कहना कि उनसे अभी तक किसी परिचित ने इस घटना के बारे में बात नहीं की है।

जानकारी के अनुसार, लक्ष्मणगढ़ के खातीवास की किरण को गुरुवार दोपहर एक बजे एसके अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया था। किरण के पति ओमप्रकाश का कहना है देर रात डिलीवरी हो गई। लड़का होने के बाद वार्ड में मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने पैसे मांग लिए। पैसे देने के लिए मना किया तो प|ी बच्चे को एक घंटे तक लेबर रूम में ही रोके रखा। इस वजह से किरण को चक्कर आया और नीचे गिर गई। 700 रुपए दिए तो दोनों को बाहर निकाला। ओमप्रकाश का कहना है इसकी शिकायत नर्सिंग अधीक्षक से की है।

एसके अस्पताल में मानवीय संवेदना की तोड़ी हद

डिलीवरी के नाम पर नर्सिंग स्टाफ द्वारा पैसे लेने का यह पहला मामला नहीं है। इस तरह के आरोप पहले भी लग चुके हैं। भास्कर ने इसकी हकीकत जानने के लिए कई प्रसूताओं परिजनों से बात की। कई प्रसूताओं परिजनों ने स्वीकार किया कि स्टाफ ने डिलीवरी और मिठाई के नाम पर पैसे लिए। रानोली के छीतरमल ने बताया कि उसकी प|ी किरण की डिलेवरी पर 700 रुपए लिए गए। कोई परेशानी नहीं हो, इसलिए पैसे देने पड़े। नहीं देते तो स्टाफ मदद नहीं करता। इसी का फायदा कुछ स्टाफ कर्मी उठा रहे हैं। भास्करपूरे स्टाफ को कठघरे में खड़ा नहीं कर रहा।

अस्पताल में हर महीने 500 डिलीवरी होती हंै। इस आधार पर गणित निकालें तो यह राशि काफी होती है। यदि एक डिलीवरी पर 500 रुपए लिए जाएं तो ढाई लाख रुपए होते हैं। भास्कर से बातचीत में परिजनों ने सुझाव दिया कि अस्पताल प्रशासन को इस मामले की पड़ताल करानी चाहिए। क्योंकि सबकी परेशानी का मामला है।

अस्पताल के गायनिक वार्ड में 22 बैड हैं। इनमे