मनरेगा जारी रखने की मांग पर धरना
अन्यायके खिलाफ एक होकर संघर्ष करने की प्रेरणा जहां कवियों ने काव्य-स्वरों से दी वहीं श्रमिक वर्ग को जागरूकता संदेश देते हुए मनरेगा कानून को कमजोर नहीं होने देने का संकल्प भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माक्र्सवादी के नेताओं ने मजदूरों को दिलाया। भाकपा के बैनर तले मुट्ठियां ताने श्रमिकों के द्वारा कलेक्ट्रेट के समक्ष नारेबाजी कर धरना दिया गया।
वक्ताओं ने भ्रष्टाचार को असहनीय बताया एवं रोजगार गारंटी कानून को कमजोर किए जाने की सोच को मजदूर विरोधी साजिश करार दिया। वरिष्ठ कवि श्रीहर्ष ने कविता के माध्यम से आज के हालात रेखांकित किए। वरिष्ठ नेता सन्नू हर्ष ने आंदोलन को गांव-गांव पहुंचाने का आह्वान किया। जिला सचिव अंजनी शर्मा ने कहा कि रोजगार पाने के ग्रामीणों के अधिकारों का हनन किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गिरधारी महिया ने सड़क से संसद तक आंदोलन की चेतावनी दी। मूलचंद खत्री, जेठाराम लाखूसर, बजरंग छिंपा, रामप्रताप पटीर, लूणकरणसर, घेवर राम मेघवाल, पूगल, शिवलाल जाट, अशोक भादू आदि श्रमिक नेताओं ने भी धरने को संबोधित किया।
कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे किसान।