बीकानेर. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का मुख्यालय बीकानेर के बजाय जयपुर करते हुए इसे माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन किया है। सरकार के इस फैसले को शिक्षा निदेशालय के विभाजन के रूप में देखा जा रहा है। क्योंकि तीन अनुभाग निदेशालय से पहले ही तोड़े जा चुके हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से आई सीटी और रमसा सहित पांच अनुभाग परिषद के अधीन कर दिए हैं। इसके साथ ही अब शाला दर्पण कार्यक्रम भी परिषद के तहत ही संचालित होगा। स्कूल शिक्षा विभाग मानव संसाधन विकास मंत्रालय, नई दिल्ली के मिशन मोड प्रोजेक्ट के तहत शाला दर्पण कार्यक्रम राजस्थान, हिमाचल, गुजरात तमिलनाडु में संचालित होगा।
राजस्थान में इसके नियोजन, क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को पहले नोडल एजेंसी बनाया था। शासन उप सचिव नसीरुद्दीन कुरैशी ने एक आदेश जारी कर परिषद को नोडल एजेंसी बना दिया है। जानकारी के अनुसार परिषद में उपनिदेशक के स्थान पर अब उपायुक्त पदनाम किया है। इन पदों पर शिक्षा सेवा के अधिकारी के बजाय दो आरएएस अधिकारी लगाए जाएंगे। इन्हें मिलाकर परिषद में अब तीन आरएएस अफसर होंगे। रमसा में अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक का पद पहले से ही आरएएस अधिकारी का है।
प्रमुख सचिव के आदेश किए निरस्त
तत्कालीन प्रमुख सचिव पी.के.गोयल ने एक आदेश जारी कर रमसा अन्य योजनाओं, कार्यक्रमों यथा आई सीटी,बालिका छात्रावास, आईईडीएसएस तथा व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित कार्यक्रमों के शैक्षिक एवं पाठ्यक्रम का काम निदेशक को एवं भौतिक संरचना से संबंधित कार्य परिषद को सौंपा था। उसके बाद माध्यमिक शिक्षा के शासन सचिव नरेश पाल गंगवार ने गोयल के आदेश को निरस्त कर इन योजनाओं को पूरा दायित्व ही परिषद को सौंप दिया।
कर्मचारी आंदोलन पर आमादा
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से अनुभाग जयपुर स्थानांतरित करने को लेकर निदेशालय कर्मचारी आंदोलन पर आमादा हैं। सांसद तक उन्होंने अपनी बात पहुंचाई है। शिक्षा मंत्री को भी ज्ञापन भेजा है। कर्मचारी नेता राजेश व्यास ने बताया कि सरकार की चुप्पी के कारण कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। सरकार को अफसर भ्रमित कर रहे हैं।