हिंडौन सिटी/कंजोली. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला के आह्वान पर रविवार को गुर्जरों ने टोडाभीम के कटारा अजीज में महापड़ाव शुरू कर दिया। बैसला ने आरक्षण के मुद्दे पर रविवार को महापंचायत बुलाई थी।
महापड़ाव की घोषणा करने के साथ बैंसला ने गुर्जरों से कहा कि वे घर के काम-धाम छोड़कर महापड़ाव में जमे रहे। बैसला ने फिलहाल एक रात और एक दिन के पड़ाव की घोषणा की है। आगे की रणनीति के बारे में यह कहते हुए स्पष्ट किया है कि उन्हें जयपुर से फोन आया है। अब सरकार के जवाब और उसके बाद बनने वाली परिस्थितियों पर निर्भर होगा।
बैंसला ने कहा कि हम पिछड़े हुए हैं। चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने वादा किया था कि गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा और उसे नवीं अनुसूची में भी डाला जाएगा। मौजूदा सरकार को इस मुद्दे का अब शीघ्र निस्तारण करना चाहिए।
मौजूद भारी भीड़ की तरफ इशारा करते हुए बंैसला ने कहा कि गुर्जर समाज इसी तरह संगठित रहें। उन्होंने कहा कि हम खत्म नहीं हुए हैं। हम जिंदा है। वी आर लाइव वायर (हम जिंदा बिजली के तार हैं)। बैंसला ने कहा कि सभी लोग अपने घरों के आवश्यक कामों को छोड़कर इसी महापड़ाव में जम रहे।
भाजपा विधायक के प्रयास विफल
गुर्जर महापंचायत में गंगापुर सिटी के भाजपा विधायक मानसिंह गुर्जर उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि उनके शरीर का एक-एक कतरा गुर्जरों और गुर्जरों के आरक्षण के लिए हैं। लंबे समय का आंदोलन और उसके लिए किया गया कार्य इस बात का साक्षी है।
विधायक मानसिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने विधानसभा में कई बार गुर्जरों के आरक्षण का मामला उठाने का प्रयास किया, लेकिन मौका नहीं मिल पाया। विधायक मानसिंह गुर्जर ने आंदोलन को टालने का सुझाव यह कहते हुए दिया कि पिछली कांग्रेस सरकार को 5 साल दिए हैं तो इस सरकार को अभी 9 माह हुए हैं। देवनारायण योजना की क्रियान्विति में जो त्रुटियां रह गई हैं, उन्हें तीन दिन में सही करवा दिया जाएगा। गुर्जरों के मुकदमे री-ओपन होने की बात भी सही नहीं है। गुर्जर आंदोलन को टालने के सुझाव को भीड़ ने हाथ हिलाकर इंकार करने का इशारा कर दिया।
महापंचायत में डॉ. रूप सिंह गुर्जर भी आंदोलन के पक्ष में दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा कि हम हमेशा पटरी उखाड़ने वाले नहीं बनें और हिंसा के परिचयात्मक भी नहीं कहलाएं।