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योजनाबद्ध होगा आंदोलन

7 वर्ष पहले
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महवा. यहां पीपलखेड़ा गुर्जर शहीद स्थल पर शनिवार को सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल के विरोध में गुर्जर समाज ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर शोक दिवस मनाया। इसमें किरोड़ी सिंह बैसला, कैप्टन हरप्रसाद तंवर सहित बडी़ संख्या में आए समाज के लोगों ने समाज के शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
साथ ही वर्ष 2007 के आंदोलन की तर्ज पर नए सिरे से योजनाबद्ध तरीके से जल्द ऐतिहासिक आंदोलन किए जाने का सामूहिक निर्णय लिया गया।

सरकार के सालाना जश्न के विरोध में पीपल खेडा़ स्थित समाज के शहीद स्थल पर आयोजित शोक सभा को संबोधित करते हुए गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति संयोजक किरोड़ीसिंह बैसला ने कहा कि वसुंधरा सरकार ने अपने कार्यकाल में आरक्षण की मांग करने वाले 72 गुर्जर समाज के लोगों को मरवा दिया। चुनावी घोषणा पत्र में घोषणा के बावजूद समाज को उनका आरक्षण का हक नहीं दिलाया। ऐसे में सरकार को सालाना जश्न मनाने का काई हक नहीं बनता। यह सरकार की नैतिकता नहीं बनती। इससे समाज में आक्रोश है। समाज इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। जल्द ही वे नए सिरे से योजनाबद्ध तरीके से ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा जो पिछले आंदोलनों से कही बढ़कर होगा।
कैप्टन हरप्रसाद तंवर ने कहा कि सरकार गुर्जरों के साथ वादा खिलाफी कर उन्हें गुमराह कर रही है। सरकार ने अपने कार्यकाल में अब तक कोई पैरवी नहीं की और ही आरक्षण दिलाने के बारे में गहनता से सोचा। उन्होंने कहा कि सरकार गुर्जर समाज को हल्के में ले। समाज के खजाने में अभी बहुत बारूद बाकी है। कैप्टन जग रामसिंह ने कहा कि समाज के लोग शोक दिवस में शामिल होकर सरकार के जश्न में शामिल हुए है, जो समाज हित के प्रति वफादार होकर निजी स्वार्थ साध रहे है। ऐसे नेताओं को समाज अपने स्तर पर सबक सिखाए।
इसके अलावा हिम्मतसिंह पाडली, मेवाराम राय का एडवोकेट, शैलेन्द्र सिंह, भंवरसिंह भूरा भगत ने भी संबोधित कर आरक्षण के हक के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलने पर जोर दिया। इस अवसर पर टीकमसिंह पावटा, विजय पाटोली, पूरण गुर्जर, राजेन्द्रसिंह सहित बडी़ संख्या में गुर्जर समाज के लोग मौजूद थे।

आंदोलन में चाहिए 60 हजार लोग

शोकसभा के दौरान किरोड़ी सिंह बैसला ने कहा कि नए सिरे से ऐतिहासिक आंदोलन करने के लिए उन्हें कम से कम साठ हजा