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भौजाई प्रधान तो ननद उपप्रधान

6 वर्ष पहले
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महवा। पंचायत समिति में रविवार को उपप्रधान पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा की मिश्री देवी निर्दलीय अशोक मीना को सात मतों से हराकर उपप्रधान बनी।

उपप्रधान पद के लिए भाजपा की ओर से मिश्री देवी, कांग्रेस से महेन्द्र सिंह निर्दलीय अशोक मीना ने आवेदन किए। कुल 23 पंचायत समिति सदस्यों ने मतदान किया। इसमें भाजपा की मिश्री देवी को 13, निर्दलीय अशोक मीना को 6 कांग्रेस के महेन्द्र मीना को 4 मत मिले।
ऐसे में निर्वाचन अधिकारी राकेश गुप्ता ने सात मतों से मिश्री मीना को विजयी घोषित कर उन्हें उपप्रधान की शपथ दिलाई। इधर, मिश्री देवी की जीत की खबर मिलते ही भाजपाई खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। जिन्होंने जीत के लिए एक-दूसरे को बधाई दी।

रोचक रहा मुकाबला

महवा में हाल ही में हुए पंचायत समिति चुनावों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद प्रधान उपप्रधान पद की दौड़ काफी रोचक हो गई थी। इसे लेकर लोगों द्वारा तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन चुनाव के बाद जो परिणाम आए उन्हें देखकर सभी हतप्रभ रह गए।
शनिवार को कांग्रेस की भौजाई मीरा देवी मीना प्रधान तो रविवार को भाजपा की मिश्री देवी ननद उपप्रधान बनी। दरअसल ये दोनों रिश्ते में एक दूसरे की ननद भौजाई है, जिसमें भौजाई मीरा देवी कांग्रेस से तो ननद मिश्री देवी को भाजपा से पहले पंचायत समिति सदस्य फिर प्रधान उपप्रधान चुनी गई।

कांग्रेस-निर्दलीयों का नहीं चला गठजोड़

पंचायत समिति के प्रधान उपप्रधान के लिए हुए चुनावों ने सही मायने में तेजी से पलटा खाने वाली राजनीति के दांव पेंचों की कहानी बयां की। प्रधान पद के लिए शनिवार को बना कांग्रेस निर्दलीयों का गठजोड़ दूसरे दिन ही नहीं ठहर पाया।
शनिवार को निर्दलीयों के समर्थन से कांग्रेस की मीरा देवी प्रधान बनी, लेकिन दूसरे ही दिन कांग्रेस निर्दलीयों ने गठजोड़ के विपरीत उपप्रधान पद के लिए अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे। जहां निर्दलीयों को छह कांग्रेस को महज चार मत मिले, जबकि प्रधान के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को सात कांग्रेसियों के अलावा पांच निर्दलीयों का समर्थन मिला था। वहीं प्रधान चुनाव में भाजपा को दस उपप्रधान चुनाव में कुल तेरह मत मिले।