रतवाका में खसरे से 26 बच्चे पीड़ित
महुआखुर्दके समीप स्थित मेव बहुल रतवाका गांव में करीब 55-60 घर हैं। गांव में खसरा फैलने के बाद भी ये लोग अस्पताल नहीं पहुंचे। मेडिकल टीम के गांव पहुंचने तक परिजनों ने बीमार बच्चों को कोई दवा भी नहीं दी। मेडिकल टीम ने ही बच्चों को खसरे की दवा दी। जागरूकता के अभाव में मेव बहुल कई गांवों में पहले भी टीकाकरण से दूरी रखने के मामले सामने आए हैं।
अलवर | मालखेड़ाके रतवाका गांव के बच्चे खसरे की गिरफ्त में हैं। एएनएम की सूचना पर मंगलवार को पहुंची टीम ने पहले दिन 26 खसराग्रस्त बच्चे चिन्हित किए। जिला मुख्यालय से डिप्टी सीएमएचओ डॉ. छबील कुमार एवं जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. बबीता सिंह भी गांव पहुंची और बीमारी संबंधी जानकारी ली। डिप्टी सीएमएचओ ने बताया कि खसरा फैलने की सूचना एएनएम से मिलने के बाद गांव में मेडिकल टीम भेजकर सर्वे कर खसरे के रोगियों की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए गए। टीम ने गांव में शाम तक 26 बच्चे खसरे के चिन्हित किए हैं। इन्हें दवा दे दी गई है। बुधवार को मेडिकल टीम के साथ मालाखेड़ा सीएचसी से शिशुरोग विशेषज्ञ भी गांव जाएंगे और खसरे से पीड़ित बच्चों की जांच करेंगे। अगर बच्चे अधिक बीमार हुए तो उन्हें जिला मुख्यालय रैफर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी गांव में अन्य बच्चे खसरा से पीड़ित होने की आशंका है।