जाट समाज की 351 प्रतिभाएं सम्मानित
वैश्य समाज को अपनी पहचान कायम रखने के लिए संगठित होना पड़ेगा
टोंक | अंतरराष्ट्रीयवैश्य महासम्मेलन की बैठक सम्मान समारोह का नेशनल हाइवे पर एक होटल में किया गया। जिसमें प्रदेशाध्यक्ष गणेश राणा ने कहा कि वैश्य समाज को अपनी पहचान कायम रखने के लिए संगठित होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज 25 करोड़ है फिर भी राजनीतिक दृष्टि से उपेक्षित है, जिसका कारण वैश्य उपजातियों में बंटा हुआ है।
उन्होंने कहा कि वैश्य समाज के लोग अपनी उपजाति के पहले वैश्य लगाएं ताकि हमारी जनसंख्या का सरकार एवं राजनीतिक दलों को अनुमान हो सके। टोंक विधायक अजीतसिंह मेहता ने वैश्य समाज को एक मंच पर आने की अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वैश्य समाज के लिए हरसंभव योगदान में पीछे नहीं रहेंगे। प्रदेश महामंत्री ध्रुवदास अग्रवाल ने संगठनात्मक जानकारी दी। उन्होंने राजनीतिक स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि दिनोदिन हमारा प्रतिनिधित्व घटता जा रहा हैं 1998 में राजस्थान विधानसभा में 27 विधायक थे जो 2003 में घटकर 22 तथा 2008 में 17 और हाल ही में 2013 के चुनाव में वैश्य विधायकों की संख्या केवल 13 ही रह गई। जिसका कारण हमारी आपसी गुटबाजी है जिसको दूर कर एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि आईएएस प्री में सफल रहने पर समाज की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की ओर से एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, अब तक समाज की 50 प्रतिभाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। कोषाध्यक्ष राधेश्याम विजयवर्गीय बासेड़ा, प्रदेश मंत्री ओमप्रकाश गुप्ता ने जिले की संगठनात्मक जानकारी दी। जिलाध्यक्ष रमेश जिंदल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष गिरिराज गर्ग, प्रदेश महिला उपाध्यक्ष चारू, अखिल भारतीय वैश्य विजयवर्गीय समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किशन गोपाल विजय भी अतिथियों में शामिल थे। इस अवसर पर समाज की प्रतिभाओं एवं वरिष्ठ जनों को शाल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। जिनमें वरिष्ठ एडवोकेट भागचंद जैन, अभयमल बम, लक्ष्मण दास खटोड़, मोहनलाल गोयल, किशन गोपाल विजय, गौ सेवक पानमल टण्डी शामिल हैं। बैठक में श्यामलाल जैन, नरेश बंसल, प्रकाश सर्राफ, पार्षद राजीव अग्रवाल, हेमलता विजय, महेन्द्र खंडेलवाल उर्फ लाला, रामबाबू विजयवर्गीय, मंजू जैन, अशोक गांधी, सत्यनारायण माहेश्वरी, रमेश बड़ाया, लक्ष्मणद