पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • रिसर्च सेंटर में वैज्ञानिकों का टोटा

रिसर्च सेंटर में वैज्ञानिकों का टोटा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मालपुरा | केंद्रीयभेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर में भेड़ों में तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन भेड़ों पर अनुसंधान के लिए वैज्ञानिक घटे हैं। अनुसंधान के लिए जरूरी 120 वैज्ञानिकों के मुकाबले संस्थान में वैज्ञानिकों की संख्या घट कर मात्र 80 रह गई। जबकि संस्थान में अनुसंधान के अलावा केंद्र सरकार की अन्य कई योजनाओं की क्रियान्विति भी इन्हीं वैज्ञानिकों को विभागाध्यक्ष के रूप में करनी पड़ती है।

अनुसंधानके इंतजार में हजारों भेड़ें

केंद्रीयभेड़ एवं ऊन अनुसंधान के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अविकानगर संस्थान में वर्तमान में भेड़ों की संख्या तीन हजार से ज्यादा है तथा 700 बकरियां अनुसंधान के उद्देश्य से पाली जा रही हैं। संस्थान के प्रशासनिक मंत्रालयिक के अलावा तकनीकी एवं सपोर्टिंग कर्मचारियों के भी 200 पद खाली होने से काम काज प्रभावित हो रहा है। संस्थान के कई विभागों में अधिकारी कर्मचारी नहीं होने से लंबे समय से सरकारी योजनाओं के काम काज ठप पड़े है।

उपकेंद्रोंपर अनुसंधान प्रभावित

खासबात यह है कि संस्थान के उप केंद्र गरसा जहां 500 भेड़ें अनुसंधान के लिए मौजूद हैं तथा मन्नावनूर जहां 350 भेड़ें हैं इसके साथ ही बीकानेर केंद्र पर भी करीब दो हजार भेड़ों पर अनुसंधान वैज्ञानिकों की कमी के कारण प्रभावित हो रहा है। संस्थान के सूत्र बताते हैं कि वैज्ञानिकों की कमी के कारण संस्थान के करीब ढाई से तीन हजार बहु कीमती भेड़ बकरियों को बेच दिया गया है।

दससाल में मात्र 500 अनुसंधान

संस्थानसे मिली जानकारी के अनुसार दस साल में यहां वैज्ञानिकों की कमी के चलते पांच सौ अनुसंधान के विमोचन किए जा सकें है। संस्थान निदेशक डॉ.एस.एम.के. नकवी ने भी बीते दिनों अविकानगर में आयोजित समारोह में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के डीडीजी डॉ. के.एम.एल. पाठक के समक्ष भी बताया था कि संस्थान में कर्मचारियों की संख्या में गिरावट आई है।

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर के निदेशक डॉ. एस.एम.के. नकवी का कहना है कि वैज्ञानिकों की कमी के कारण शोध कार्य प्रभावित तो होता ही है। वैज्ञानिकों के साथ अन्य पद भी खाली हैं जिससे संस्थान का कार्य संपादन में समस्या का सामना करना पड़ता है हालांकि कई पदों पर नई भर्ती के लिए आईसीएआर दिल्ली के यहां से आदेश दिए गए हैं। कर्मचारियों की भर्ती का कार्