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आरटीई : निजी स्कूलों को िमलेंगे 98.35 लाख रुपए

6 वर्ष पहले
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शिक्षाका अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों को निशुल्क प्रवेशित बालकों के बदले प्रथम किस्त की प्रतिपूर्ति राशि के रूप में करीब 98.35 लाख का भुगतान किया जाएगा। इसकी स्वीकृति जारी होने के बाद विभाग ने भुगतान की कार्यवाही शुरू कर दी है।

राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जिले के 425 स्कूलों में प्रवेशित 6025 बालकों के निशुल्क प्रवेश के बदले निजी स्कूलों को यह राशि दी जाएगी। आरटीई के तहत स्कूलों में एंट्री लेबल कक्षा से 25 प्रतिशत बालकों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। इन बालकों से स्कूलों द्वारा ली जाने वाली फीस नहीं ली जाती है। इसके बदले में विभाग द्वारा स्कूल में निशुल्क अध्ययनरत बालकों के भौतिक सत्यापन के लिए दल गठित कर जांच करवाने के बाद स्कूल द्वारा डाटा एंट्री करने के उपरांत दावा बिल विभाग को जमा करवाने के बाद विभाग द्वारा स्कूलों के बैंक खातों में निशुल्क प्रवेशित बालकों के बदले राशि जमा करवाई जाती है।

दोकिस्तों में होता है भुगतान

आरटीईके तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेशित बालकों को विभाग द्वारा दो किस्तों में भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके तहत विभाग सत्र के प्रारंभ में ही अगस्त-सितंबर तक भुगतान किया जाना होता है, लेकिन भौतिक सत्यापन में हुई देरी के बाद इसकी प्रथम किस्त के भुगतान की प्रक्रिया अब प्रारंभ हो पाई है। इसके बाद अब द्वितीय किस्त का भुगतान मई के बाद तक हो सकेगा।

268स्कूलों को िमली पहली किस्त

विभागद्वारा जिलेभर में तक करीब 268 निजी स्कूलों में भुगतान किया जा चुका है, जिसमें देवी ब्लॉक के 78, मालपुरा में 22, निवाई में 56, टोडारायसिंह में 2, टोंक में 72 उनियारा में 38 स्कूलों को प्रथम किस्त की राशि का भुगतान किया गया है।

ब्लॉकवारस्वीकृत राशि

विभागने देवली ब्लॉक के 76 स्कूलों के 1495 बालकों के लिए 27 लाख 80 हजार 512, मालपुरा के 25 स्कूलों के 190 बालकों के लिए 3 लाख 56 हजार 25, निवाई के 51 स्कूलों के 503 बालकों के लिए 6 लाख 91 हजार 796, टोडारायसिंह के 56 स्कूलों के 628 बालकों के 9 लाख 999, टोंक के 171 स्कूलों 2530 बालकों के 42 लाख 20 हजार 53 रुपए, उनियारा के 46 स्कूलों के 719 बालकों के 886144 रुपए की स्वीकृतियां जारी हुई है।

^निजीस्कूलों द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद डाटा एंट्री कर बावाबिल भिजवाने के बाद निशुल्क प्रवेशित बालकों के बदले दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि के भुगतान की कार्यवाही चल रही है। इसमें स्कूलों को प्रथम किस्त का भुगतान किया जा रहाहै। किशन लाल मीणा, प्रभारी आरटीई, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, टोंक

भास्कर न्यूज | टोंक

शिक्षाका अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों को निशुल्क प्रवेशित बालकों के बदले प्रथम किस्त की प्रतिपूर्ति राशि के रूप में करीब 98.35 लाख का भुगतान किया जाएगा। इसकी स्वीकृति जारी होने के बाद विभाग ने भुगतान की कार्यवाही शुरू कर दी है।

राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जिले के 425 स्कूलों में प्रवेशित 6025 बालकों के निशुल्क प्रवेश के बदले निजी स्कूलों को यह राशि दी जाएगी। आरटीई के तहत स्कूलों में एंट्री लेबल कक्षा से 25 प्रतिशत बालकों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। इन बालकों से स्कूलों द्वारा ली जाने वाली फीस नहीं ली जाती है। इसके बदले में विभाग द्वारा स्कूल में निशुल्क अध्ययनरत बालकों के भौतिक सत्यापन के लिए दल गठित कर जांच करवाने के बाद स्कूल द्वारा डाटा एंट्री करने के उपरांत दावा बिल विभाग को जमा करवाने के बाद विभाग द्वारा स्कूलों के बैंक खातों में निशुल्क प्रवेशित बालकों के बदले राशि जमा करवाई जाती है।

दोकिस्तों में होता है भुगतान

आरटीईके तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेशित बालकों को विभाग द्वारा दो किस्तों में भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके तहत विभाग सत्र के प्रारंभ में ही अगस्त-सितंबर तक भुगतान किया जाना होता है, लेकिन भौतिक सत्यापन में हुई देरी के बाद इसकी प्रथम किस्त के भुगतान की प्रक्रिया अब प्रारंभ हो पाई है। इसके बाद अब द्वितीय किस्त का भुगतान मई के बाद तक हो सकेगा।

268स्कूलों को िमली पहली किस्त

विभागद्वारा जिलेभर में तक करीब 268 निजी स्कूलों में भुगतान किया जा चुका है, जिसमें देवी ब्लॉक के 78, मालपुरा में 22, निवाई में 56, टोडारायसिंह में 2, टोंक में 72 उनियारा में 38 स्कूलों को प्रथम किस्त की राशि का भुगतान किया गया है।

ब्लॉकवारस्वीकृत राशि

विभागने देवली ब्लॉक के 76 स्कूलों के 1495 बालकों के लिए 27 लाख 80 हजार 512, मालपुरा के 25 स्कूलों के 190 बालकों के लिए 3 लाख 56 हजार 25, निवाई के 51 स्कूलों के 503 बालकों के लिए 6 लाख 91 हजार 796, टोडारायसिंह के 56 स्कूलों के 628 बालकों के 9 लाख 999, टोंक के 171 स्कूलों 2530 बालकों के 42 लाख 20 हजार 53 रुपए, उनियारा के 46 स्कूलों के 719 बालकों के 886144 रुपए की स्वीकृतियां जारी हुई है।

^निजीस्कूलों द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद डाटा एंट्री कर बावाबिल भिजवाने के बाद निशुल्क प्रवेशित बालकों के बदले दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि के भुगतान की कार्यवाही चल रही है। इसमें स्कूलों को प्रथम किस्त का भुगतान किया जा रहाहै। किशन लाल मीणा, प्रभारी आरटीई, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, टोंक