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फर्जी दस्तावेज से कराई जमीन की रजिस्ट्री
मालपुरा | डिग्गीउपतहसील में फर्जी दस्तावेज पेश कर खातेदारी की जमीन का विक्रय पत्र पंजीकृत कराने का मामला प्रकाश में आया है। डिग्गी उपतहसील के नायब तहसीलदार और उप पंजीयक द्वारा फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन का विक्रय पत्र प्रमाणित कर रजिस्ट्री अन्य के नाम कर दी गई। मामला तब उजागर हुआ जब जमीन पर कब्जा काश्त कर रहे शंकर लाल पुत्र रामलाल को इस बारे में पता चला।
पीड़ित शंकरलाल निवासी ग्राम भीपुर ने कब्जे काश्त की जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर डिग्गी उपतहसील के माध्यम से अवैध रूप से रजिस्ट्री कराने के मामले में कलेक्टर से जांच की मांग की है। पीड़ित ने शिकायत में डिग्गी नायब तहसीलदार से साठगांठ कर फर्जी दस्तावेज से जमीन की रजिस्ट्री करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने कहा है कि प्रार्थी की कब्जे काश्तशुदा जमीन के फर्जी दस्तावेज बनवाकर महेंद्र रैगर निवासी चांदसेन ने रजिस्ट्री करा ली। इसका नामांतरण ग्राम पंचायत धोली द्वारा खारिज कर दिया। इसके बावजूद महेंद्र ने जमीन का पावर ऑफ अटॉर्नी प्रेमचंद जैन चांदसेन के नाम करा कर कृषि भूमि को सितंबर 2014 में सुनील कुमार वर्मा निवासी मालपुरा के नाम रजिस्टर्ड करा दिया, जबकि आज भी यह जमीन बीरबल गवारिया के नाम खातेदारी में है। खातेदार बीरबल गवारिया ने प्रार्थी को वर्षों पूर्व ही एक इकरारनामा दे रखा है। जमीन के मामले में बीरबल प्रार्थी शंकरलाल के बीच विवाद भी है। पीड़ित शंकर ने शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री लोकायुक्त को भी भेजी हैं।
नियमानुसारकी है रजिस्ट्री : डिग्गीउप तहसील के नायब तहसीलदार भवानी शंकर कुर्मी का कहना है कि मेरे अधिकार क्षेत्र का मामला होने के कारण मैंने नियमानुसार इस जमीन की रजिस्ट्री की है। मैं दस्तावेज को नहीं रोक सकता था।