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मुस्लिम समाज ने भी किया था निष्कासित

5 वर्ष पहले
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मालपुरा पालिका अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस के सातों बागी पार्षद सस्पेंड

मालपुरा | नगरपालिका पार्षद के चुनाव में बहुमत के बावजूद अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस की हुई शर्मनाक हार को लेकर उपजे विवाद के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पर्यवेक्षक की रिपोर्ट जिला स्तरीय एवं ब्लाक स्तरीय पदाधिकारियों से चर्चा के आधार कांग्रेस के चिह्न पर जीते मालपुरा के सात पार्षदों ओमप्रकाश माली, मनीषा खटीक चेनतारा सहित अकरम खान, नाजमा , अलमानुलक हक मोहम्मद शाकीर को कांग्रेस पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इनमें से चार मुस्लिम बाहुल्य वार्डों से विजयी हुए है।

पार्षदोंने किया इंकार

इससंबंध में भास्कर ने जब पार्षदों से संपर्क कर उनकी मन की बात जानी तो पार्षद अलमानुलहक के पिता पूर्व पार्षद माबूद नकवी ने कहा कि हम कोई इस्तीफा नहीं देंगे। हम समाज की पंचायत के पद पर नहीं है, जो समाज हमारे इस्तीफे मांगे। उन्होंने तो यहां तक कहा कि हमे परेशान किया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर को शिकायत पेश कर दी गई है। आवश्यकता पड़ी तो मानवाधिकार आयोग न्यायालय तक जाएंगे। इसी प्रकार पार्षद अकरम खान ने भी माबूद के साथ रहने उनके कहे अनुसार ही चलने की जानकारी दी। हालांकि मोहम्मद शाकीर ने यह जरूर कहा कि वे बातचीत करने के बाद ही निर्णय करेंगे।

मुस्लिमसमाज की हुई थी पंचायत

नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान नहीं करने के मामले को लेकर मालपुरा के मुस्लिम समाज की बड़ी पंचायत अल सादत की बैठक में समाज के करीब 700 बुजुर्गों ने अपने-अपने स्तर पर तय कर अकरम, नाजमा, अलमानुलहक शाकीर को समाज से बदर करने का फैसला किया था। समाज की ओर से पद से इस्तीफा देने जुर्माना भी किया गया था। बैठक में किए फैसले को निजी स्तर पर अमल करना सभी की जिम्मेदारी तय हुई थी। मुस्लिम समाज की ओर से उक्त चारों को ही इसलिए निष्कासित किया गया क्यों कि यह चारों पार्षद मुस्लिम बाहुल्य वार्ड से जीते थे। समाज का कहना था कि इन्होंने लोगों की भावना को आहत किया है।

यह था मामला

पालिकाचुनाव 2016 में मालपुरा के 25 वार्डों में से कांग्रेस के 12 भाजपा के 11 तथा दो निर्दलीय पार्षद विजयी हुए थे, लेकिन 30 जनवरी को हुए पालिकाध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार मरगूब अहमद को मात्र पांच वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी को 15 मत मिले, जबकि कांग्रेस के चार पार्षदों ने अध्यक्ष पद के लिए मतदान में भाग नहीं लिया। बहुमत के बावजूद हुई कांग्रेस प्रत्याशी की हार से कांग्रेस पदाधिकारियों में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए प्रदेश कांग्रेस की ओर से नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक प्रदेश महामंत्री महेश शर्मा द्वारा प्रदेश अध्यक्ष को प्रस्तुत की गई तथ्यात्मक रिपोर्ट कांग्रेस के चिह्न पर जीते पार्षदों को दोषी मानते हुए प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने सातों पार्षदों को पार्टी से निष्कासित कर दिया।

अलमानुलहक।

अकरम खान।

चेनतारा।

मनीषा।

ओमप्रकाश।

नाजमा।

मोहम्मद।

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